रविवार, 17 सितंबर, 2006 को 15:56 GMT तक के समाचार
इसराइली कैबिनेट ने हाल ही में लेबनान के साथ हुए युद्ध की जाँच को मंज़ूरी दे दी है. युद्ध की जाँच के लिए एक सरकारी आयोग गठन करने की योजना को कैबिनेट दो के मुक़ाबले 20 मतों से पास कर दिया.
यह सरकारी आयोग इस बात की जाँच करेगा कि लेबनान के साथ 34 दिनों तक चले संघर्ष के दौरान कौन-कौन सी ग़लतियाँ की गईं.
प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट पर ये आरोप लग रहे हैं कि इसराइली सेना को तैयार किए बिना ही युद्ध के लिए भेज दिया गया.
प्रधानमंत्री ओल्मर्ट ने इस मामले की स्वतंत्र जाँच की मांग को ख़ारिज कर दिया लेकिन उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया है कि आयोग को कम अधिकार नहीं होंगे.
आयोग
इस सरकारी आयोग का नेतृत्व एक अवकाश प्राप्त जज करेंगे. यह आयोग लेबनान के साथ संघर्ष के दौरान लिए गए राजनीतिक और सैनिक निर्णयों की जाँच करेगा.
प्रधानमंत्री ओल्मर्ट ने कहा है कि नए आयोग को वही अधिकार होंगे जो किसी राजकीय आयोग को मिलते हैं.
उन्होंने इस मामले की जाँच के लिए राजकीय आयोग के गठन की मांग को ठुकरा दिया. उन्होंने कहा कि इसमें काफ़ी समय लगेगा और इससे सेना का ध्यान अपनी ज़िम्मेदारियों से हटेगा.
लेकिन प्रधानमंत्री के आश्वासन के बावजूद कई लोगों ने नए आयोग के गठन की आलोचना की है. कैबिनेट की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री के यरूशलम स्थित कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे थे.
प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.