http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 16 सितंबर, 2006 को 10:42 GMT तक के समाचार

बग़दाद में सैंतालिस लाशें और मिलीं

इराक़ में पुलिस का कहना है कि राजदानी बग़दाद में 47 और शव मिले हैं जिन्हें मिलाकर हाल के दिनों में इस तरह मिलने वाले शवों की संख्या 176 हो गई.

पुलिस ने कहा है कि शवों को देखकर लगता है कि मारने से पहले उन लोगों को प्रताड़ित किया गया होगा या फिर कुछ के सिर या सीने में गोली मारी गई.

पुलिस के अनुसार 21 शव पूर्वी बग़दाद में और 26 शव शहर के पश्चिमी हिस्से में पाए गए.

बग़दाद में एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हो सकता है कि बहुत से लोगों की मौत जातीय हिंसा में हुई हो लेकिन ऐसा भी लगता है कि कुछ लोग आपराधिक गुटों का शिकार बने हों.

एक दिन पहले ही पुलिस ने कहा था कि उसने 24 घंटे के दौरान राजधानी बग़दाद के विभिन्न इलाक़ों से 50 शव बरामद किए थे. पिछले छह महीनों के दौरान बग़दाद में जातीय हिंसा की अनेक घटनाएँ हुई हैं.

फ़रवरी 2006 में शियाओं के एक प्रमुख शहर समारा में एक शिया दरगाह पर बम विस्फोट होने के बाद से शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच जातीय हिंसा भड़क उठी थी और तब से इस हिंसा में हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं.

शिया और सुन्नी समुदाय लगातार होने वाले अपहरण और हत्याओं के लिए एक दूसरे को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बग़दाद के पूर्वोत्तर इलाक़े हरिया में कुछ पर्चे सड़कों पर मिले हैं जिनमें कहा गया है कि एक शिया की मौत के बदले दस सुन्नियों को मारा जाएगा.

संवाददाता के अनुसार दुकानों और घरों पर लाल निशान लगाए गए हैं जिनका मतलब है कि वे या तो वहाँ से चले जाएँ या फिर उन्हें जान से मार दिया जाएगा.

सितंबर के महीने में इराक़ में हिंसक घटनाओं में कम से कम 25 अमरीकी सैनिक मारे गए हैं.

बग़दाद में मृतकों की संख्या ऐसे माहौल में बढ़ रही है जबकि इराक़ सरकार सुरक्षा मुहैया कराने के मुद्दे पर ज़्यादा ज़ोर दे रही है. इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने बग़दाद में हिंसा कम करने के उद्देश्य से एक महत्वकांक्षी अभियान शुरू किया हुआ है.

शहर में इराक़ी सुरक्षा बलों को मदद देने और सड़कों पर अतिरिक्त गश्त लगाने के लिए अतिरिक्त अमरीकी सैनिक तैनात किए गए हैं.

इराक़ के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री ने शुक्रवार को कहा था कि शहर में आने-जाने के रास्तों पर कुछ और बाधाएँ खड़ी करने की योजना बनाई जा रही है ताकि लोगों के आवागमन को और नियंत्रित किया जा सके.