शुक्रवार, 15 सितंबर, 2006 को 03:28 GMT तक के समाचार
अमरीकी सीनेट की एक समिति ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का विरोध करते हुए एक ऐसे विधेयक को मंज़ूरी दी है जिससे 'आतंकवाद' के आरोपों का सामना कर रहे विदेशी नागरिकों पर मुकदमा चलाया जा सकेगा.
समिति ने 15-9 से उस विधेयक को मंज़ूरी दी जिसे राष्ट्रपति बुश ने रोकने की बात की है.
महत्वपूर्ण ये है कि पूर्व विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने उन रिपब्लिकन सीनेटरों का समर्थन किया है जो राष्ट्रपति बुश के ग्वांतानामों बे के बंदीगृह में सैन्य अदालतें स्थापित करने के ख़िलाफ़ हैं.
'आर्म्ड सर्विसिज़ कमेटी' में चार रिपब्लिकन सीनेटरों ने विपक्षी डेमोक्रैट सीनेटरों का साथ देते हुए, राष्ट्रपति बुश के कड़े प्रावधानों वाले प्रस्ताव की जगह, इस दूसरे विधेयक को मंज़ूरी दे दी.
इन बाग़ियों में तीन प्रमुख सीनेटर हैं - जॉन मैक्केन, जॉन वार्नर और लिंड्से ग्राहम, जिनका मानना है कि यदि राष्ट्रपति बुश के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी जाती है तो इससे ग्वांतानामों बे के क़ैदियों के साथ और कठोर बर्ताव होगा और विश्व में अमरीका के नैतिक प्रभाव को और धक्का लगेगा.
पूर्व विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल का कहना था, "विश्व आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमारी लड़ाई में अमरीका के नैतिक आधार पर शक करने लगा है."
पर्यवेक्षकों का कहना है कि रिपब्लिकन पार्टी में मतभेदों से अमरीका में नवंबर में होने वाले चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है.
बाद में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का कहना था, "यदि स्पष्ट होने की जगह संशयात्मक स्थिति रहती है... तो ये कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ेगा और अमरीकी जनता की सुरक्षा को ख़तरा पैदा होगा."