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गुरुवार, 14 सितंबर, 2006 को 20:23 GMT तक के समाचार

'ईरान पर अमरीकी रिपोर्ट ग़लत'

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमरीकी संसद की एक रिपोर्ट पर आपत्ति करते हुए इसे 'ग़लत' और 'भ्रामक' बताया है.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा है कि एक संसदीय रिपोर्ट में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर एजेंसी की रिपोर्ट को ही ग़लत ढंग से पेश किया गया है.

आईएईए के लीक हो गए एक पत्र से यह जानकारी मिली है.

इस पत्र पर अमरीकी सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

लेकिन संसद की ख़ुफ़िया समिति के डेमोक्रेटिक सदस्य रश हॉल्ट ने कहा है कि इस रिपोर्ट को कभी भी जनता के बीच प्रकाशित करने के लिए तैयार नहीं किया गया था.

आपत्ति

आईएईए के वरिष्ठ निदेशक विल्मोस सर्वेनी के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में समिति की उस रिपोर्ट पर गंभीर आपत्ति जताई गई है जो गत 23 अगस्त को जारी की गई है.

इस पत्र में कहा गया है कि यह कहना ग़लत था कि ईरान ने परमाणु बम बनाने के लिए यूरेनियम का संवर्धन कर लिया है, जबकि एजेंसी को जो यूरोनियम मिला था वह कई दर्जे नीचे का था.

इस पत्र में ग़लत और भ्रामक जानकारियाँ देने के लिए आपत्ति जताई गई है और कहा गया है कि आईएईए ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ग़लत जानकारी देने के कारण वरिष्ठ परमाणु निरीक्षक क्रिस चार्लियर को हटा दिया था.

अमरीकी संसद की ख़ुफ़िया मामलों की समिति के प्रमुख पीटर होक्सट्रा को भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि तथ्यों को दुरुस्त करने के लिए यह पत्र भेजा जा रहा है.

आईएईए की प्रवक्ता मेलिसा फ़्लेमिंग ने अपने बयान में कहा है, "यह आईएईए की साख का सवाल है."

इससे पहले मार्च 2003 में अमरीका और आईएईए के बीच इराक़ में महाविनाश के हथियारों को लेकर इसी तरह आमने-सामने थे और इसका अंत इराक़ पर हमले से हुआ था.