बुधवार, 13 सितंबर, 2006 को 17:55 GMT तक के समाचार
अफ्रीकी संघ ने सोमालिया की अंतरिम सरकार की सहायता के लिए आठ हज़ार शांति सैनिक भेजने की योजना को मंज़ूरी दी है.
लेकिन इस्लामी अदालतों के गठबंधन ने कहा है कि वह ऐसी किसी भी सेना की तैनाती का विरोध करेगा. ग़ौरतलब है कि राजदानी मोगादीशू और देश के ज़्यादातर केंद्रीय और दक्षिणी इलाक़ों पर इसी गठबंधन का नियंत्रण है.
इथियोपिया की राजदानी अदीस अबाबा में अफ्रीकी संघ के मुख्यालय में इसकी बुधवार को एक बैठक हुई जिसमें सहमति हुई कि सितंबर के अंत तक सैनिकों की तैनाती शुरू हो जानी चाहिए.
लेकिन बड़ी बाधा ये है कि अफ्रीकी संघ के पास इन शांति सैनिकों के लिए कोई धनराशि मौजूद नहीं है.
अफ्रीकी संघ शांति और सुरक्षा परिषद की यह सहमति ऐसे समय में कुछ हिलती-डुलती नज़र आती है जब सोमालिया की अंतरिम सरकार और इस्लामी अदालतों के गठबंधन के बीच पहले से ही यह समझौता है कि वे किसी विदेशी हस्तक्षेप की इजाज़त नहीं देंगे.
सोमालिया की राजनीतिक स्थिति के बारे में तीस अक्तूबर को आगे की बातचीत होनी है. दोनों पक्षों में पहले से ही एक संयुक्त सेना के गठन पर सहमति हो चुकी है.
सोमालिया में पिछले क़रीब 15 साल से कोई असरदार सरकार नहीं रही है और वहाँ अलग-अलग इलाक़ों पर अलग-अलग गुटों का नियंत्रण रहा है जो आपस में दुश्मनी भी रखते हैं.
सोमालिया की अंतरिम सरकार को संयुक्त राष्ट्र का समर्थन हासिल है लेकिन उसके नियंत्रण में देश का सिर्फ़ छोटा सा ही हिस्सा है. अंतरिम सरकार का मुख्यालय बाइदोआ में है जो राजधानी मोगादीशू से क़रीब 250 किलोमीटर है.
एक स्थानीय ताक़तवर लड़ाका सरदार ने उन्हें उस इलाक़े से जाने के लिए भी कह दिया है.
इस्लामवादियों का आरोप है कि अंतरिम सरकार इथियोपिया से मिली सैनिक सहायता के बल पर अपनी रक्षा स्थिति मज़बूत बनाने में लगी है. जबकि इस्लामवादियों पर इरीट्री से सैनिक सहायता लेने का आरोप लगाया जाता है.