सोमवार, 11 सितंबर, 2006 को 11:46 GMT तक के समाचार
लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुयाद सिनीओरा ने ब्रिटेन से कहा है कि वो लेबनान की सेना और आंतरिक सुरक्षा सेवा की क्षमता बढ़ाने में मदद करे.
फ़ुयाद सिनीयोरा ने कहा कि ऐसा होने से लेबनान सुरक्षा स्थिति पर बेहतर नियंत्रण रखा सकता है.
ये बात उन्होंने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के साथ बेरुत में एक पत्रकार वार्ता में कही. टोनी ब्लेयर इनदिनों मध्य पूर्व के दौरे पर हैं.
लेबनान के प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल में इसराइल से हुए युद्ध और पहले के विवादों के बाद पुनर्निमाण के काम में उनके देश को मदद की ज़रूरत है.
ब्रितानी प्रधानमंत्री ने लेबनान की मदद करने का वादा किया. उन्होंने इसराइल के क़ैदियों और विवादित शेबा फ़ार्म मुद्दे के हल के लिए प्रयासों का भी समर्थन किया.
लेकिन टोनी ब्लेयर ने कहा कि पूरे मध्य पूर्व में स्थायित्व के लिए इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच शांतिवार्ता होना बेहद ज़रुरी है.
विरोध प्रदर्शन
लेबनान में किसी ब्रितानी प्रधानमंत्री की ये पहली यात्रा है और इसे देखते हुए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे.
सुरक्षा बलों ने बेरुत के केंद्रीय इलाक़े को सील कर दिया था.
इसराइल के साथ युद्ध के दौरान तुरंत युद्धविराम की माँग न करने के लिए कई लेबनानी लोगों में टोनी ब्लेयर के प्रति नाराज़गी है.
हज़ारों ने लोगों ने उनके दौरे के विरोध में प्रदर्शन भी किया. इन लोगों ने टोनी ब्लेयर के ख़िलाफ़ 'हत्यारा' और 'युद्ध अपराधी' के नारे लगाए.
लेबनान के सबसे वरिष्ठ शिया मौलवी ने तो ये यात्रा रद्द करवाने की भी कोशिश की थी.
हालांकि टोनी ब्लेयर के एक प्रवक्ता ने कहा है कि इस तरह विरोध प्रदर्शन होना कोई हैरानीजनक बात नहीं है.
टोनी ब्लेयर लेबनान आने से पहले इसराइल और फ़लस्तीनी क्षेत्रों में गए थे.