रविवार, 10 सितंबर, 2006 को 11:24 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा है कि वे इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट से 'बिना किसी शर्त' के मिलने को तैयार हैं.
ये बात उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से मुलाकात के बाद कही.
टोनी ब्लेयर इनदिनों मध्य पूर्व के दौरे पर हैं. टोनी ब्लेयर ने इससे पहले इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट से भी मुलाकात की थी.
मुलाकात के बाद एहुद ओलमर्ट ने भी कहा था कि वे बिना शर्त बातचीत करने के लिए तैयार हैं.
वहीं टोनी ब्लेयर ने कहा है कि दोनों पक्षों के पास बातचीत करने के लिए एक मौका है.
उनका कहना था कि फ़लस्तीनी सरकार हमास की इसराइल विरोधी नीतिओं को छोड़ दे तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय सरकार से बात करने के लिए तैयार है.
मध्य पूर्व में मध्यस्थता की भूमिका निभाने वाले देश-रूस, अमरीका, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र ने हमास सरकार का बहिष्कार किया है.
ओलमर्ट से मुलाकात
टोनी ब्लेयर ने कहा है कि वे हमास के नेताओं से मुलाकात नहीं करेंगे.
डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने कहा है, टोनी ब्लेयर के दौरे का मकसद सभी पक्षों की बात सुनना है, इसलिए हम फ़लस्तनी राष्ट्रपति की बात सुनने के लिए आएँ हैं.
फ़लस्तीनी चुनावों में इस बार हमास विजयी रहा है और फ़िलहाल हमास की ही सरकार है.
रमल्ला पहुँचने से पहले टोनी बल्येर ने इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट से मुलाकात की थी. एहुद ओलमर्ट ने कहा है कि कि शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए वे बिना शर्त फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास से मुलाकात के लिए तैयार हैं.
अपने पहले दिए गए बयानों से पलटते हुए उन्होंने कहा कि वे इस मुलाकात से पहले ये शर्त नहीं रखेंगे कि इसराइली जवान गिलाद शालित, जिन्हें फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने पकड़ रखा है, उन्हें रिहा किया जाए.
प्रधानमंत्री ओलमर्ट फ़लस्तीनी नेता अब्बास से जून में मिले थे लेकिन इसके कुछ ही दिन बाद इसराइली सैनिक को फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने पकड़ लिया और तनाव बढ़ गया.
तब से अब तक ग़ज़ा में इसराइली छापों में 200 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए हैं.