इराक़ युद्ध से पहले की परिस्थितियों पर अमरीकी सीनेट की एक रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए नहीं मानती थी कि सद्दाम हुसैन के अल क़ायदा से संबंधों का कोई सबूत हैं.
इस रिपोर्ट में इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के अल क़ायदा से कथित संबंधों की जाँच की गई है और इसे दो साल में तैयार किया गया है.
इसमें युद्ध से कुछ महीने पहले एक सद्दाम विरोधी गुट की दी गई ग़लत जानकारी की भूमिका की भी जाँच की गई है.
विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसदों का कहना है कि इस रिपोर्ट से राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के युद्ध करने के बताए कारणों का आधार ही नहीं रहता.
कई डेमोक्रैटिक सांसद तो अब राष्ट्रपति बुश पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने जानबूझकर ये धोखा दिया.
जिस समिति ने ये रिपोर्ट बनाई है, उसके एक सदस्य सेनेटर कार्ल लेविन का कहना है कि ये रिपोर्ट बुश प्रसासन के अल क़ायदा और सद्दाम को जोड़कर देखने के प्रयास की सबसे तीख़ी और गंभीर आलोचना है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चाहे बुश प्रशासन ने सद्दाम हुसैन और अल क़ायदा के करीबी रिश्तों के बारे में दावा नहीं किया था लेकिन उसने ऐसा दर्शाने की कोशिश ज़रूर की थी कि ऐसा संबंध है.