http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 08 सितंबर, 2006 को 10:53 GMT तक के समाचार

ग़ज़ा के लोगों में निराशा और हताशा

संयुक्त राष्ट्र की एक वरिष्ठ अधिकारी कैरेन अबुज़ायद ने आगाह किया है कि फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा में रहन-सहन की परिस्थितियाँ बहुत ही ख़राब हो गई हैं

संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी की अध्यक्ष कैरेन अबुज़ायद ने यह चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ग़ज़ा में हाल के सप्ताहों में इसराइली सैनिक कार्रवाई की वजह से हालात बहुत ख़राब हो गए हैं और लोगों में निराशा फैली हुई है.

कैरेन अबुज़ायद ने कहा है कि ग़ज़ा इसराइली घेराबंदी और वित्तीय पाबंदियों की वजह से अलग-थलग पड़ता जा रहा है और इसराइल वहाँ निशाना बनाकर लोगों को मार रहा है.

अबुज़ायद ने संयुक्त राष्ट्र का आहवान किया है कि ग़ज़ा के हालात का जायज़ा लेने के लिए एक पर्यवेक्षक मिशन भेजा जाना चाहिए.

कैरेन अबुज़ायद ने कहा, "वाणिज्य और व्यापारिक गतिविधियाँ बंद किए जाने से अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो गई है, इससे सरकारी संस्थान बिखरने के कगार पर आ गए हैं और पूरा समाज बुरी तरह हिल गया है."

उन्होंने कहा कि इस तरह की दबाव रणनीतियों की वजह से न तो इसराइल और न ही ग़ज़ा के लोगों में किसी राजनीतिक समझौते की इच्छा पैदा हुई है और न ही फ़लस्तीनी सरकार के स्तर पर.

अबुज़ायद के अनुसार इस ख़राब स्थिति की वजह से लोगों में ग़ुस्सा, अलगाव, निराशा और हताशा की भावना बढ़ी है.

ग़ौरतलब है कि जुलाई में कुछ फ़लस्तीनियों ने एक इसराइली सैनिक के अपहरण कर लिया था जिसके बाद इसराइल ने ग़ज़ा में हमले शुरू किए थे जिनमें अनेक लोग मारे जा चुके हैं.