गुरुवार, 07 सितंबर, 2006 को 09:57 GMT तक के समाचार
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को यह रहस्य उजागर करने के लिए विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है कि आतंकवादी गतिविधियों के संदिग्ध लोगों को बंदी बनाकर रखने के लिए सीआईए की गुप्त जेलें वजूद में हैं.
उधर अमरीकी सेना ने कहा है कि ग्वांतनामो बे शिविर में रखे गए बंदियों पर साल 2007 के आरंभ में मुक़दमा शुरू हो सकेगा.
इन संदिग्ध लोगों में 14 ऐसे बंदी भी हैं जिन्हें पहले ग्वांतनामो बे शिविर में रखा गया था. इन जेलों का गुप्त वजूद होने की बात राष्ट्रपति बुश ने बुधवार को स्वीकार की थी.
राष्ट्रपति बुश ने बुधवार को एक प्रमुख भाषण में कहा था कि सीआईए की ये गुप्त जेलें आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में एक महत्वपूर्ण हथियार हैं और इन जेलों में पूछताछ के ज़रिए हासिल की गई जानकारियों से बहुत से निर्दोष व्यक्तियों की जान बचाने में मदद मिली है.
लेकिन डेमोक्रेटिक सीनेटर रॉबर्ट मेनेन्डेज़ ने कहा है कि इस परिवर्तन की ज़रूरत थी लेकिन इतना घुमा-फिराकर नहीं.
यूरोप में सीआईए की गुप्त जेलें होने के मामले की यूरोपीय संघ के लिए जाँच करने वाले डिक मार्टी ने कहा है कि अमरीका जैसे ताक़तवर लोकतांत्रिक देश को अब सीआईए की गुप्त जेलों के कार्यक्रम के बारे में पूरी सच्चाई बता देनी चाहिए.
डिक मार्टी ने कहा, "मुझे ख़ुशी है कि आख़िरकार, भले ही कुछ देर से ही सही, व्हाइट हाउस ने यह स्वीकार तो किया है."
स्विस सीनेटर डिक मार्टी ने बीबीसी से कहा, "मैं उम्मीद करता हूँ कि अमरीकी प्रशासन अब पूरी सच्चाई बताएगा. मेरा ख़याल है कि अब अमरीकी सरकार की अपने नागरिकों के प्रति यह ज़िम्मेदारी भी है."
सीआईए की गुप्त जेलों के कार्यक्रम की वजह से यूरोपीय देशों के साथ अमरीका के संबंधों में कड़वाहट आई थी और ऐसे आरोप लगाए गए थे कि गुप्त जेलें ऐसे देशों में थीं जहाँ प्रताड़ना आम बात है.
मुक़दमा चलेगा
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि सीआईए की गुप्त जेलों में रखे गए 14 अभियुक्तों को ग्वांतनामो बे शिविर में भेजा जा रहा है जिनमें ख़ालिद शेख़ मोहम्मद भी शामिल हैं. अमरीका ख़ालिद शेख़ मोहम्मद को 11 सितंबर 2001 के हमलों का प्रमुख षडयंत्रकारी कहता है.
बुश ने कहा कि इन लोगों को अब जिनेवा संधि का संरक्षण हासिल होगा जिसके तहत प्रताड़ना और अमानवीय व्यवहार का प्रयोग निषिद्ध किया गया है.
बुश ने कहा कि वह कांग्रेस से अनुरोध करेंगे कि वह सैन्य ट्राइब्यूनलों को ग्वांतनामो बे शिविर में रखे गए बंदियों पर युद्धापराध के मुक़दमे चलाने की इजाज़त दे.
अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने एक फ़ैसले में कहा था कि इस तरह के आयोग कांग्रेस की अनुमति के बिना वजूद में नहीं रह सकते.
बीबीसी के वाशिंगटन में संवाददाता का कहना है कि इन संदिग्ध लोगों को ग्वांतनामो बे शिविर में भेजने के फ़ैसले के बाद विरोधियों को इस शिविर की आलोचना करना मुश्किल होगा लेकिन साल 2007 में मध्यावधि चुनाव होने हैं और इसे देखते हुए कांग्रेस की एक डेमोक्रेटिक सांसद जेन हर्मन ने इन नीतिगत परिवर्तनों के समय पर सवाल उठाए हैं.
सीआईए की गुप्त जेलों के कार्यक्रम के बारे में कहा गया है कि इन जेलों में रखे गए कुछ लोगों को पहले ही उनके देशों को भेजा जा चुका और बाक़ी 14 को ग्वांतानामो बे शिविर में भेजे जाने के बाद - जैसा कि व्हाइट हाउस का कहना है, गुप्त जेलें ख़ाली हो जाएंगी.