मंगलवार, 05 सितंबर, 2006 को 21:33 GMT तक के समाचार
राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि अमरीका अभी भी 'आतंक के ख़िलाफ़ लड़ाई' लड़ रहा है और उसे पूरी जीत के अलावा और कुछ मंज़ूर नहीं है.
उन्होंने अमरीकी जनता को चेतावनी दी है कि अब तक जो कुछ भी किया गया है उससे संतोष नहीं करना चाहिए.
ग्यारह सितंबर को हुए हमलों की पाँचवीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए राष्ट्रपति बुश ने ओसामा बिन लादेन की तुलना लेनिन और हिटलर से की.
ओसामा बिन लादेन और अलक़ायदा के अन्य नेताओं की कही हुई बातों की विस्तार से चर्चा करते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा, "शैतानों और महात्वाकांक्षी लोगों की बातों की ओर ध्यान न देने के परिणाम गंभीर हो सकते हैं."
उन्होंने कहा कि दुनिया ने लेनिन और हिटलर के लेखन की ओर ध्यान नहीं दिया और इसकी बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ी. उन्होंने आगे कहा कि अलक़ायदा नेता के मामले में ऐसा नहीं किया जाना चाहिए.
उन्होने कहा, "ओसामा बिन लादेन और और उनके आतंकवादी साथियों ने अपनी मंशा उसी तरह से साफ़ ज़ाहिर कर दी है जैसा उनसे पहले लेनिन और हिटलर कर चुके थे."
इस भाषण के साथ ही सरकार की ओर से 'आतंक से निपटने के लिए राष्ट्रीय रणनीति' नाम से एक दस्तावेज़ भी जारी किया गया.
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि अमरीका की रक्षा का सबसे अच्छा तरीक़ा यही है कि आक्रामक रहा जाए.
उन्होंने इराक़ के विरुद्ध युद्ध को सही ठहराते हुए कहा कि यह अमरीका को ज़्यादा सुरक्षित बनाने की रणनीति का हिस्सा है.
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनकी सरकार ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगी.