रविवार, 03 सितंबर, 2006 को 08:39 GMT तक के समाचार
इराक़ी सशस्त्र सैनिकों पर से अमरीकी सैनिकों का नियंत्रण हटाना एक बार फिर टल गया है. पहले यह शनिवार को होना था, बाद में इसे टालकर रविवार किया गया.
अब कहा जा रहा है कि यह कार्यक्रम अगले हफ़्ते से पहले नहीं हो पाएगा. शनिवार को जब यह कार्यक्रम होने वाला था, उस समय इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी वरिष्ठ शिया नेता अयातुल्ला अल सिस्तानी से मिलने गए हुए थे.
अमरीकी सेना का कहना है कि इस बारे में संवाद की कमी रही. अमरीकी सैनिकों के हाथ से नियंत्रण ख़त्म हो जाने के बाद इराक़ी सशस्त्र सेना सीधे रक्षा मंत्रालय के अधीन आ जाएगी.
लेकिन बग़दाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ी सेना अभी भी काफ़ी कमज़ोर है और उनके पास हथियार भी कम हैं.
कमी
इसका मतलब ये है कि इराक़ी सशस्त्र सेना पर से नियंत्रण ख़त्म हो जाने के बावजूद अमरीकी सेना का देश में दख़ल क़ायम रहेगा और बड़ी सैनिक कार्रवाई उनके अधीन ही होगी.
इस समय इराक़ में क़रीब एक लाख 40 हज़ार प्रशिक्षित सैनिक और पुलिसकर्मी हैं. लेकिन उनके पास हथियारों की कमी है.
कई बार तो ऐसा होता है कि कार्रवाई के दौरान वे वहाँ से हट जाते हैं. राजधानी बग़दाद में अपहरण करने वालों का गैंग अभी भी सक्रिय है और इराक़ी पुलिसकर्मी उन्हें रोक नहीं पाते.
पिछले सप्ताह ही दीवानिया में दो दिनों तक चली लड़ाई के दौरान इराक़ी सैनिकों की कमज़ोरी खुल कर सामने आ गई थी. कई इराक़ी सैनिक हताहत हुए और फिर उन्हें अमरीकी सैनिकों को सहायता के लिए बुलाना पड़ा.