रविवार, 03 सितंबर, 2006 को 09:37 GMT तक के समाचार
इराक़ की सरकार का कहना है कि देश में अल क़ायदा के नंबर दो माने जाने वाले हमाद जमा अल सईदी को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
सईदी राजधानी बग़दाद से उत्तर में स्थित सलाहदी में छुपे हुए थे जब इराक़ी सैनिकों ने उन्हें गिरफ़्तार किया.
इराक़ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोअफ़्फ़ाक अल रुबाई ने हमाद जमा अल सईदी की गिरफ़्तारी की घोषणा की. उन्होंने बताया कि सईदी को कुछ दिन पहले पकड़ा गया है.
रुबाई के मुताबिक़ सईदी की सूचना के आधार पर अल क़ायदा के 20 अन्य सदस्यों को या तो गिरफ़्तार किया गया है या मार दिया गया है.
जानकारी
राजधानी बग़दाद में एक संवाददाता सम्मेलन में रुबाई ने बताया कि सईदी बक़ूबा के उत्तर में स्थिति एक अपार्टमेंट में महिलाओं और बच्चों के बीच में छुपे हुए थे. लेकिन उनकी गिरफ़्तारी के दौरान न कोई घायल हुआ और न ही कोई मारा गया.
गिरफ़्तारी के बाद सईदी से पूछताछ के आधार पर अल क़ायदा के अन्य सदस्यों को गिरफ़्तार किया गया है. रुबाई ने बताया कि अल क़ायदा के दूसरे दर्जे के 11 कमांडरों को नौ अन्य अल क़ायदा सदस्यों के साथ या तो मार दिया गया है या गिरफ़्तार किया गया है.
इराक़ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोअफ़्फ़ाक अल रुबाई ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अल सईदी इराक़ में अल क़ायदा के प्रमुख अबू अय्यूब अल मसरी के बाद दूसरे नंबर पर थे.
रुबाई ने बताया, "हमने अबू अय्यूब अल मसरी के बाद सबसे अहम अल क़ायदा नेता को गिरफ़्तार कर लिया है. वह अल क़ायदा में दूसरे नंबर का नेता था."
इस साल जून में अबू मुसाब अल ज़रक़ावी के मारे जाने के बाद अबू अयुब अल मसरी को प्रमुख बनाया गया था.
रुबाई ने बताया कि समारा में अल अस्करी दरगाह पर हुए हमले में सईदी का ही हाथ था. इस साल फरवरी में यह हमला हुआ था. इसके बाद बदले में कई हमले हुए थे. उन्होंने बताया कि इस हमले के बाद इराक़ में शिया-सुन्नी हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी भी इराक़ में अल क़ायदा के प्रमुख माने जाने वाले अल मसरी इराक़ी सरकार के हाथ नहीं आए हैं. लेकिन इराक़ी सरकार इस गिरफ़्तारी को काफ़ी अहम मान रही है.