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शुक्रवार, 01 सितंबर, 2006 को 15:45 GMT तक के समाचार

विमान में आग से 30 लोगों की मौत

ईरान में अधिकारियों का कहना है कि एक यात्री विमान में आग लगने से कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है. पहले यह संख्या 80 के आसपास बताई गई थी.

टेलीविज़न की ख़बरो में कहा गया है कि इस विमान में देश के पूर्वोत्तर शहर मशद में लगी.

बताया गया है कि इस विमान ने दक्षिणी ईरान में बंदरगाह शहर बांदर अब्बास से उड़ान भरी थी.

ऐसी भी ख़बरें मिली हैं कि इस विमान में से कुछ लोग अपनी जान बचाने में कामयाब हो गए.

ईरानी टेलीविज़न ने कहा है कि आग उस समय शुरू हुई जब विमान हवाई अड्डे पर उतर रहा था और उसका एक टायर फट गया.

विमान ग्रीनिच मान समय के अनुसार सवा दस बजे मशद हवाई अड्डे पर उतर रहा था कि तभी उसका टायर फट गया.

यह विमान रूस का बना हुआ तुपोलेफ़ जेट था जिसमें 147 यात्री सवार थे.

मशहद शहर ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग एक 1000 किलोमीटर पूर्वोत्तर में है और शिया मुसलमानों का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है.

ईरानी टेलीविज़न पर दिखाई गई तस्वीरों में एक ऐसा विमान नज़र आता है जो टूटा हुआ है और वह एक हवाई पट्टी के एक तरफ़ पड़ा हुआ है. दमकलकर्मियों को उसके मलबे से जूझते हुए दिखाया गया है.

लेकिन ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन के एक प्रवक्ता रज़ा ज़फ़रज़ादेह ने बताया कि मृतकों की संख्या और दुर्घटना के कारणों के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है.

वायु दुर्घटना इतिहास

बीबीसी के तेहरान संवाददाता फ्रांसिस हैरिसन का कहना है कि वायुयानों क सुरक्षा के मामले में ईरान का इतिहास काफ़ी ख़राब रहा है.

उसकी एक वजह ये है कि अमरीका ने ईरान को पुराने पड़ चुके हवाई जहाज़ों के कलपुर्ज़े या पश्चिमी कंपनियों से नए यात्री विमान ख़रीदने से रोका हुआ है.

ईरान एयर टूर्स विमान सेवा के यात्री विमान 2002, 1993 और 1992 में भी दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं और उन दुर्घटनाओं में एक भी यात्री जीवित नहीं बच सका था.

तुपोलेफ़ - 154 विमान रूसी और सोवियत संघ के हवाई यातायात का लगभग एक चौथाई शताब्दी तक मज़बूत स्तंभ रहा है.

एयर ट्रांसपोर्ट वर्ल्ड के रूसी संपादक पॉल डफी का कहना है कि ऐसा लगता है कि टीयू-154 नामक इस विमान की दुर्घटना किसी तकनीकी ख़राबी की वजह से हुई है.