गुरुवार, 31 अगस्त, 2006 को 09:50 GMT तक के समाचार
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि उनका देश परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगा.
उधर ईरान को यूरेनियम संवर्धन रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र की ओर से ईरान को दी गई समय सीमा गुरूवार यानी 31 अगस्त को ख़त्म हो रही है.
उधर ईरान की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिल रहा है कि वो अपना परमाणु संवर्धन रोकने के लिए तैयार है.
राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है, "ईरान एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा... और अपने अधिकारों से वंचित होने की स्थिति स्वीकार नहीं कर सकता."
अगर ऐसे संकेत मिलते हैं कि ईरान इस समय सीमा का पालन नहीं कर रहा है तो अमरीका ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र किसी ऐसे प्रस्ताव पर विचार करे जो ईरान पर प्रतिबंध लगाए.
इस बाबत अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अपनी एक रिपोर्ट पेश करेगी जिसमें इस बात का ज़िक्र होगा कि ईरान ने तय समय सीमा में संयुक्त राष्ट्र की बातों का पालन किया है या नहीं.
संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत जॉन बॉल्टन ने कहा है कि ईरान इस बारे में जागरूक है कि संयुक्त राष्ट्र के निर्देशों का उल्लंघन करने पर उसे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है.
उन्होंने बताया कि सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थायी सदस्य लगातार इस बात को दोहराते रहे हैं कि अगर ईरान तय समय सीमा का पालन नहीं करता है तो उसपर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.
अमरीका का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है जबकि ईरान इसे ख़ारिज करते हुए कह रहा है वो केवल असैनिक उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा विकसित करने की कोशिश कर रहा है.
अधिकार
ईरान की ओर से इस बात के साफ़ संकेत हैं कि वो फिलहाल अपने परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को रोकने नहीं जा रहा है.
ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद का कहना है, "परमाणु हथियारों जैसी कोई बात नहीं है, हम किसी के लिए भी ख़तरा नहीं हैं."
इस बात को लेकर ईरानी सरकार के साथ ही वहाँ की मीडिया और आम लोग भी एकमत दिखाई दे रहे हैं.
इस बात की जानकारी देते हुए रेडियो तेहरान के संवाददाता कमर अब्बास ने बीबीसी को बताया, "यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब इसराइल सामरिक रूप से इतना प्रभावशाली बन सकता है, यूरोप के कुछ देश परमाणु अस्त्र संपन्न हैं तो फिर ऐसे में ऊर्जा के लिए ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को कैसे ग़लत ठहराया जा सकता है."
ईरानी समाचार माध्यमों के ज़रिए यह बात भी कही जा रही है कि ईरान प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार है. ईरान के पास अनुभव है और वो अपने इस अधिकार से पीछे नहीं हटेंगे.
हालांकि ईरान इस बात को दोहराता रहा है कि इस मसले पर बातचीत सबसे बेहतर समाधान हो सकता है.
उन्होंने बताया कि परमाणु संवर्धन पर आम लोग भी सरकार का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं.