बुधवार, 30 अगस्त, 2006 को 19:39 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में इसराइल के क्लस्टर बम इस्तेमाल करने की कड़ी आलोचना की है.
संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता के प्रमुख यान एग्लैंन ने लेबनान में इसराइल के क्लस्टर बम इस्तेमाल करने को 'पूरी तरह अमानवीय क़रार' दिया है.
उनका कहना था कि इसराइल ने हिज़्बुल्ला के साथ हुए संघर्ष के आख़िरी दिनों में क्लस्टर बमों का ज़बरदस्त इस्तेमाल किया.
यान एग्लैंन का कहना था कि पूरे संघर्ष में जितने क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, उसका 90 प्रतिशत युद्धविराम के पहले के 72 घंटो में किया गया.
संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों का कहना है कि 359 स्थानों पर एक लाख बिना फटे क्लस्टर बम बरामद हुए हैं.
दरअसल क्लस्टर बम में छोटे छोटे अनेक बम लगे होते हैं और दागे जाने के बाद ये दूर दूर तक फैल जाते हैं. इनमें से कुछ बम तत्काल नहीं फटते और वर्षों तक बारूदी सुरंग का काम करते हैं.
जबकि अब तक इसराइल यह कहता आया है कि इस संघर्ष में उसने जो हथियार इस्तेमाल किए हैं, वे अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के अनुरूप हैं.
हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने इस विषय पर इसराइली सरकार से अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं माँगा है.
दूसरी ओर इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान की अपील को ठुकराते हुए लेबनान की नाकेबंदी को हटाने से इनकार कर दिया था.
कोफ़ी अन्नान से मुलाकात के बाद ओलमर्ट ने कहा कि हिज़्बुल्ला के साथ हुए युद्धविराम की शर्तें पूरी तरह लागू होने के बाद ही नाकेबंदी हटाई जाएगी.
ओलमर्ट ने कहा कि दो महत्वपूर्ण शर्तों में से एक थी उन दो इसराइली सैनिकों की रिहाई जिन्हें हिज़्बुल्ला ने पकड़ लिया था.
उधर हिज़्बुल्ला के एक कैबिनेट मंत्री ने कहा है कि इसराइली सैनिक बिना शर्त रिहा नहीं किए जाएंगे.
लेबनान के ऊर्जा मंत्री मोहम्मद फ्नीश ने कहा है कि इसराइली सैनिकों की बिना शर्त रिहाई संभव नहीं है और उन्हें इसराइल की जेलों में बंद लेबनानी क़ैदियों के बदले ही रिहा किया जाएगा.
नाकेबंदी
ग़ौरतलब है कि लगभग डेढ़ माह पहले हिज़्बुल्ला के साथ लड़ाई शुरु होते ही इसराइल ने लेबनान की हवाई और समुद्री नाकेबंदी कर दी थी.
लड़ाई से दक्षिणी लेबनान में हुई तबाही का जायज़ा लेने के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इसराइल का दौरा किया और कहा कि उनकी कोशिश युद्धविराम को कारगर बनाने की है.
कोफ़ी अन्नान ने उम्मीद जताई कि लेबनान में पाँच हज़ार शांति सैनिकों की तैनाती होने के बाद इसराइल अपने सैनिक वापस बुला लेगा.
येरुशलम स्थित बीबीसी संवाददाता जिल मिकगिवरिंग के मुताबिक अन्नान और ओल्मर्ट की बातचीत से इस तरह के ठोस संकेत नहीं मिले हैं कि दोनों के बीच मतभेद कम हुए हैं.
युद्धविराम प्रस्ताव के तहत दक्षिणी लेबनान में 15 हज़ार शांति सैनिकों की तैनाती होनी है. हालाँकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अभी तक इसकी आधी संख्या के बराबर ही सैनिकों को भेजने पर राजी हुआ है.