मंगलवार, 29 अगस्त, 2006 को 07:31 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने युद्ध से तबाह हुए दक्षिणी लेबनान का जायज़ा लिया है.
फिलहाल वो इसराइल में हैं जहाँ उनकी कोशिश युद्धविराम को कारगर बनाने की होगी.
अन्नान अपनी यात्रा के दौरान लेबनान के दक्षिणी बंदरगाह नकूरा में रुके और वहाँ तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों से मुलाक़ात की.
इसके बाद उन्होंने विमान से ही इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच महीने भर से अधिक समय तक चली लड़ाई से हुई तबाही को देखा. वो मरकाबा नामक गाँव में भी गए.
अपील
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने लेबनानी अधिकारियों के साथ बातचीत में शांति सैनिकों की तैनाती पर चर्चा की.
उन्होंने कहा कि वो इसराइली सरकार से लेबनान की हवाई और समुद्री नाकेबंदी हटाने का अनुरोध करेंगे.
साथ ही उन्होंने हिज़्बुल्ला से दो इसराइली सैनिकों को रिहा करने का आह्वान किया. इसी मामले ने तूल पकड़ा था जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच संघर्ष शुरु हो गया.
मरकबा गाँव में कोफी अन्नान ने कहा कि अभी कई मसलों को हल किया जाना है. इनमें इसराइली सैनिकों की रिहाई, इसराइली हिरासत में लिए गए लेबनानी और लेबनान की सीमा की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं.
वो इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट से मुलाक़ात करेंगे. इसके बाद उनकी योजना सीरिया और ईरान जाने की है.
ग़ौरतलब है कि इसराइल-हिज़्बुल्ला के बीच हुई लड़ाई में 1100 से ज़्यादा लेबनानी और 159 इसराइली मारे गए थे और दक्षिणी लेबनान का ज़्यादातर हिस्सा तबाह हो गया था.
इसराइल की जाँच
इस बीच लेबनान में हुए युद्ध की जाँच के लिए इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने दो सरकारी समितियाँ बनाने की घोषणा की है.
इसमें से एक समिति यह जाँच करेगी कि इस युद्ध के संचालन में राजनीतिक खामियाँ क्या रहीं तो दूसरी सैन्य पक्ष की ऐसी ही जाँच करेगी.
हालाँकि उन्होंने ऐसे निष्पक्ष आयोग से जाँच की माँग को ठुकरा दिया है जिसके पास दोषी लोगों को बर्खास्त करने का अधिकार भी हो.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एहुद ओल्मर्ट के विरोधी राजनीतिक नेता इसे लगातार हो रही निंदा से बचने के तरीक़े के रुप में देख सकते हैं.