सोमवार, 28 अगस्त, 2006 को 22:29 GMT तक के समाचार
हाल ही में लेबनान में हुए युद्ध की जाँच के लिए इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने दो सरकारी समितियाँ बनाने की घोषणा की है.
इसमें से एक समिति यह जाँच करेगी कि इस युद्ध के संचालन में राजनीतिक खामियाँ क्या रहीं तो दूसरी सैन्य पक्ष की ऐसी ही जाँच करेगी.
हालांकि उन्होंने ऐसे निष्पक्ष आयोग से जाँच की माँग को ठुकरा दिया है जिसके पास दोषी लोगों को बर्खास्त करने का अधिकार भी हो.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एहुद ओल्मर्ट के विरोधी राजनीतिक नेता इसे लगातार हो रही निंदा से बचने के तरीक़े के रुप में देख सकते हैं.
इसराइली सरकार यह भी मान रही है कि लेबनान में शांति सैनिकों की स्थापना के साथ ही निंदा का रुख़ भी बदलेगा.
जाँच
एहुद ओल्मर्ट ने जाँच के लिए समितियाँ बनाने की घोषणा के लिए समय और स्थान बहुत सावधानी के साथ चुना.
वे उत्तरी इसराइल के तटीय शहर में मेयरों की एक बैठक में भाषण दे रहे थे.
हालांकि अपने भाषण में ओल्मर्ट ने युद्ध के अपने निर्णय को सही ठहराया. उन्होंने सैनिकों और अपने राजनीतिक सहयोगियों की तारीफ़ भी की.
लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ग़लती हुई है और इसकी पहचान ज़रुरी है.
इस जाँच के लिए दो सरकारी समितियों का गठन किया जाएगा और इन समितियों के सदस्यों का चयन भी वह ख़ुद ही करेंगे.
स्वतंत्र जाँच की माँग को ठुकराते हुए उन्होंने कहा कि इस समय इसकी ज़रुरत नहीं है.
उल्लेखनीय है कि अगले दो दिन संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ शांति सेना की तैनाती पर चर्चा करने जा रहे हैं और सरकार को लग रहा है कि यह उनके पक्ष में जाएगा.