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शुक्रवार, 25 अगस्त, 2006 को 12:56 GMT तक के समाचार

अल-मनार दिखाने के प्रस्ताव की सज़ा

अमरीका के न्यूयॉर्क में हिज़्बुल्ला के टीवी चैनल अल मनार के प्रसारण का प्रस्ताव देने के कारण एक अमरीकी व्यवसायी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

पाकिस्तानी मूल के जावेद इक़बाल पर एक 'आतंकवादी संगठन' के साथ व्यवसाय करने का आरोप लगाया गया है.

कुछ दिनों पहले ही क़रीब एक महीने चली लड़ाई के बाद इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच संघर्ष विराम हुआ है. अमरीका में हिज़्बुल्ला को एक 'आतंकवादी संगठन' के रूप में देखा जा रहा है.

जावेद इक़बाल के वकीलों का कहना है कि जावेद की गिरफ़्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है.

पाबंदी

इक़बाल का मामला देख रही वकीलों की कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, "यह तो ऐसा है जैसे ईरान की सरकार कहे कि वह न्यूयॉर्क टाइम्स पर इसलिए पाबंदी लगाने जा रही है क्योंकि वे इसे एक आतंकवादी संगठन मानते हैं. या फिर चीन ये कहे कि वह सीएनएन पर पाबंदी लगाएगा."

जावेद इक़बाल के एक वकील ने कहा कि वे जानते हैं कि सैटेलाइट डिश के माध्यम से न्यूज़ चैनल को उपलब्ध कराने से किसी पर अमरीकी क़ानून तोड़ने का आरोप नहीं लग सकता.

अदालती और सरकारी दस्तावेज़ के मुताबिक़ अधिकारियों ने एक टीवी उपभोक्ता के रूप में अपने एजेंट को जावेद इक़बाल के पास भेजा था.

कहा जा रहा है कि जावेद इक़बाल ने उनके सामने जो टीवी पैकेज का प्रस्ताव रखा, उसमें हिज़्बुल्ला का टीवी चैनल अल मनार भी शामिल था.

गुरुवार को जावेद अदालत में पेश किए गए. अदालत ने उन्हें ढ़ाई लाख डॉलर की ज़मानत पर रिहा कर दिया. लेकिन सरकारी वकील स्टीफ़ेन ए मिलर ने उन्हें ज़मानत दिए जाने का विरोध किया.

सरकारी वकील ने संकेत दिया कि जावेद के ख़िलाफ़ और आरोप लगाए जा सकते हैं. यूरोपीय संघ ने यूरोपीय देशों में अल मनार टीवी चैनल के प्रसारण पर पाबंदी लगा रखी है.