शुक्रवार, 25 अगस्त, 2006 को 13:33 GMT तक के समाचार
नीदरलैंड ने इन ख़बरों का खंडन किया है कि उसके राजदूत ने भारतीय नागरिकों को विमान से उतारकर हिरासत में लिए जाने के मामले में माफ़ी माँगी है.
नीदरलैंड के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा,'' राजदूत ने भारतीय अधिकारियों को घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी लेकिन माफ़ी का सवाल नहीं है.''
इसके पहले भारत के विदेश राज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि नीदरलैंड के राजदूत ने भारतीय विमान यात्रियों को एम्सटर्डम में हिरासत में लिए जाने के मामले में 'अफ़सोस' प्रकट किया था.
आनंद शर्मा ने कहा था कि "भारतीय नागरिकों के साथ जैसा व्यवहार किया गया था वह निश्चित तौर पर आपत्तिजनक था इसलिए राजदूत को बुलाकर भारत की अप्रसन्नता से अवगत कराया गया."
उन्होंने कहा कि भारत ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया है और "नीदरलैंड में भारतीय दूतावास के अधिकारी डच पुलिस अधिकारियों से बातचीत करके एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं जो हमें जल्द ही मिल जाएगी."
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने कहा कि "हमें भारतीय नागरिकों से मिलने तक के लिए कडी़ मशक्कत करनी पड़ी."
उन्होंने हिरासत में भारतीय नागरिकों के साथ हुए व्यवहार पर भी आपत्ति जताई. सरना ने कहा कि जब ये यात्री वापस भारत आएँगे तभी और ब्यौरा मिल पाएगा.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि "जो कुछ हुआ है वह भारत और नीदरलैंड के दोस्ताना संबंधों के अनुरूप नहीं है."
डच न्याय मंत्री ने गुरूवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि 12 भारतीय नागरिकों के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं मिला है, इसके बाद इन लोगों को बिना कोई आरोप लगाए रिहा कर दिया गया.
इनमें से ज़्यादातर लोग मुंबई के हैं और भारतीय समय के अनुसार शुक्रवार की देर रात मुंबई पहुँच रहे हैं.
डच सरकार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि यह नस्लवाद का मामला नहीं है.
बुधवार को मुंबई के लिए उड़े नॉर्थ वेस्ट एयरलांइस के एक विमान को आधे रास्ते से ही वापस शिफ़ोल एयरपोर्ट पर उतार दिया गया था और इसमें सवार 12 भारतीय नागरिकों को हिरासत में ले लिया गया था.