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बुधवार, 23 अगस्त, 2006 को 19:44 GMT तक के समाचार

शांति सैनिकों की तैनाती का विरोध

ऐसी ख़बरें हैं कि सीरिया ने धमकी दी है कि यदि संयुक्त राष्ट्र शांति सेना तैनात की गई तो वह लेबनान से लगी अपनी सीमा को बंद कर देगा.

फिनलैंड के विदेश मंत्री ने इस बात का ख़ुलासा सीरिया के विदेश मंत्री से मुलाक़ात के बाद किया.

इसके पहले सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने दुबई टीवी से बातचीत में कहा था कि 'सीरिया से सटी सीमा पर शांति सैनिकों की तैनाती का मतलब है कि दुश्मनी का मोर्चा तैयार करना.'

उनका कहना था कि लेबनान की सीमा पर संयुक्त राष्ट्र सैनिकों की तैनाती सीरिया के ख़िलाफ़ विद्वेष भरा क़दम होगा.

दूसरी ओर इसराइल ये आरोप लगाता रहा है कि सीरिया लेबनान के चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्ला को हथियारों की आपूर्ति करता है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लेबनान एक बार फिर इसराइल और सीरिया के बीच फंस गया है.

इसराइल का दबाव

उधर इसराइली विदेश मंत्री ज़िपी लिवनी ने ज़ल्द से ज़ल्द लेबनान में शांति सैनिकों की संख्या बढ़ाने की ज़रूरत बताई है.

उन्होंने पेरिस में अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद चेतावनी दी कि लेबनान में ज़मीनी हालात 'विस्फ़ोटक' हो सकते हैं.

युद्धविराम समझौते के अनुरुप लेबनान में 15 हज़ार शांति सैनिकों की तैनाती होनी है लेकिन कई देश अपने सैनिकों को वहाँ भेजने से हिचक रहे हैं.

इसराइल इस प्रगति से संतुष्ट नहीं है. इसराइली विदेश मंत्री लिवनी का कहना है, "अब हम सबसे संवेदनशील और विस्फोटक स्थिति में पहुँच गए हैं."

इस बीच यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की बैठक ब्रसेल्स में चल रही है. इसमें तैनात होने वाले शांति सैनिकों में यूरोपीय देशों की भागीदारी पर विचार हो रहा है.

इसराइल ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक तैनात नहीं होते हैं, वह हवाई और समुद्र के रास्ते पर लगाया प्रतिबंध नहीं हटाएगा.