सोमवार, 21 अगस्त, 2006 को 05:14 GMT तक के समाचार
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन सोमवार को जनसंहार के एक मामले में बग़दाद की एक अदालत में पेश होंगे.
उन पर 1987 से 1988 के दौरान कुर्दों के ख़िलाफ़ अभियान चलाए जाने को लेकर आरोप हैं. इस अभियान में लगभग एक लाख लोग मारे गए थे.
इस घटना को कुर्दों के ख़िलाफ़ 'अनफल अभियान' के नाम से जाना जाता है.
सद्दाम हुसैन और उनके अलावा छह अन्य लोगों के ख़िलाफ़ इस अभियान को चलाए जाने का आरोप है.
इसमें अली हसन अल माजिद शामिल हैं जो ‘केमिकल अली’ के नाम से भी जाने जाते हैं.
माना जाता है कि सद्दाम हुसैन ने कुर्दों के ख़िलाफ़ इसलिए अभियान चलाया क्योंकि उनका मानना था कि वे ईरान की मदद कर रहे थे.
इस अभियान से बच गए लोगों का कहना है कि उन पर ज़हरीली गैसें छोड़ी गईं थीं.
इस अभियान में सद्दाम के चचेरे भाई अली हसन अल माजिद ने अहम भूमिका निभाई थी और इसी के बाद उनका नाम 'केमिकल अली' पड़ा था.
सद्दाम और उनके सहयोगियों पर 1982 में दुजैली गाँव में 148 लोगों की हत्या का एक अन्य मामला चल रहा है. इस मामले का फ़ैसला 16 अक्टूबर को आने की उम्मीद है.
यह हत्याकांड 1982 में सद्दाम हुसैन की हत्या की नाकाम कोशिश के बाद हुआ था. सभी अभियुक्त इस मामले में आरोपों से इनकार करते हैं और ख़ुद को निर्दोष बताते हैं.
यदि अभियुक्तों को दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें फ़ाँसी की सज़ा हो सकती है.