http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 19 अगस्त, 2006 को 23:40 GMT तक के समाचार

'इसराइली कार्रवाई युद्धविराम का उल्लंघन'

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान ने पूर्वी लेबनान में इसराइली सैनिक कार्रवाई को इसराइल-लेबनान युद्धविराम का उल्लंघन बताया है.

इस युद्धविराम के बाद पाँच हफ़्ते से इसराइल और लेबनान के हिज़्ज़बुल्ला लड़ाकों के बीच चल रही लड़ाई ख़त्म हुई थी.

कोफ़ी अन्नान का कहना है कि वे इसराइली कार्रवाई से चिंतित हैं और उन्होंने इस बारे में इसराइल और लेबनान के नेताओं से बात की है.

फ़लस्तानी उप प्रधानमंत्री हिरासत में

उनका कहना था कि संघर्षविराम के किसी भी उल्लंघन से नाज़ुक दौर से गुज़र रहा युद्धविराम ख़तरे में पड़ सकता है और लेबनान की सरकार के प्रभुत्व को नुकसान पहुँचा सकता है.

लेबनानी प्रधानमंत्री नाराज़

इसराइल-लेबानान संघर्षविराम के बीच में ही इसराइल की विशेष सेना ने पूर्वी लेबनान में सैनिक कार्रवाई की है. इसराइली सेना के मुताबिक़ इस कार्रवाई में एक इसराइली सैनिक मारा गया और दो घायल हो गए.

सैनिक कार्रवाई से नाराज़ लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा ने इसे 'युद्धविराम का खुला उल्लंघन' बताया है.

इसराइली सैनिकों ने बेक्का घाटी के बालबेक शहर में छापा मारा. बालबेक शहर को हिज़्बुल्ला का गढ़ माना जाता है. इसराइली सेना का कहना है कि इस कार्रवाई का मक़सद 'आतंकवादी गतिविधि' और ख़ासकर हथियारों की तस्करी रोकना था.

इसराइली सेना का दावा है कि हिज़्बुल्ला लड़ाकों को ईरान और सीरिया की ओर से हथियार मिल रहे हैं. इसराइल का कहना है कि उसकी कार्रवाई सफल रही लेकिन हिज़्बुल्ला का दावा है कि उसने कार्रवाई को नाकाम कर दिया.

'युद्धविराम का उल्लंघन नहीं'

इसराइली अधिकारियों का कहना है कि उसकी कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र युद्धविराम प्रस्ताव का उल्लंघन नहीं है क्योंकि हिज़्बुल्ला को हथियारबंद होने से रोकना उसका अधिकार है.

युद्ध के बाद निराशा झेल रहे हैं ओल्मर्ट

संयुक्त राष्ट्र के युद्धविराम प्रस्ताव को इसराइल और लेबनान ने स्वीकार कर लिया था. इसके बाद पहली बार इसराइली सैनिकों और हिज़्बुल्ला लड़ाकों के बीच संघर्ष हुआ है.

इस बीच युद्धविराम लागू होने के बाद पहली बार शांति रक्षक सैनिकों का जत्था दक्षिणी लेबनान पहुँचा है. फ़्रांस ने 50 सैनिक इंजीनियर भेजे जो दक्षिणी लेबनान के शहर नक़ूरा पहुँच गए हैं.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि दो सप्ताह के अंदर साढ़े तीन हज़ार शांति रक्षक सैनिक दक्षिणी लेबनान पहुँच जाने चाहिए.

संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि दक्षिणी लेबनान में तैनात किए जाने वाले शांति सैनिकों में यूरोपीय देशों की भी भागीदारी हो और वह इसके लिए कोशिश भी कर रहा है.

कई यूरोपीय देश सैनिक भेजने के लिए तो तैयार हैं लेकिन उनका कहना है कि उन्हें शांति मिशन पर जाने वाले सैनिकों के कामकाज के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश की आवश्यकता है.