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गुरुवार, 17 अगस्त, 2006 को 23:28 GMT तक के समाचार

लेबनान में शांति सैनिकों के योगदान की पेशकश

संयुक्त राष्ट्र की बैठक में कई देशों ने लेबनान में शांति सैनिकों में योगदान देने की पेशकश की है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी इस पेशकश को उत्साहजनक मान रहे हैं.

इसके पहले संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने तत्काल शांति सैनिकों में योगदान देने का वादा करने का अनुरोध किया था.

उन्होंने चेतावनी दी थी कि इसमें देरी से युद्धविराम पर संकट उत्पन्न हो सकता है.

लेबनान में शांति सेना की मुश्किलें

संयुक्त राष्ट्र के उपप्रमुख मार्क मैलॉक ब्राउन ने कहा था कि शुरुआत में 3500 शांति सैनिक चाहिए ताकि उन्हें दो सप्ताह के भीतर तैनात किया जा सके.

फ़्रांस शांति सैनिकों का नेतृत्व करने पर सहमत हो गया है लेकिन उसने कहा है कि वह 200 अतिरिक्त सैनिक ही तत्काल उपलब्ध करा सकता है.

संयुक्त राष्ट्र के उपप्रमुख का कहना है कि लेबनान की स्थिति नाजुक है और तत्काल कार्रवाई किए जाने की ज़रूरत है.

उनका कहना था, '' हर क्षण की देरी दोबारा संघर्ष के छिड़ने के खतरे को बढ़ा सकती है.''

लेबनानी सेना की तैनाती

दूसरी ओर लेबनानी सेना देश के दक्षिणी हिस्सों में तैनात हो रही है जहाँ हाल के वर्षों में हिज़्बुल्ला का दबदबा माना जाता है.

12 जुलाई को लेबनान पर इसराइली हमले शुरू हुए थे जिसके बाद गत सोमवार को युद्धविराम प्रस्ताव लागू हुआ. उसके बाद ही लेबनानी सेना दक्षिणी हिस्सों में तैनात की जा रही है.

लेबनानी सैनिकों को लितानी नदी को पार करने के लिए अस्थाई पुल बनाने पड़े क्योंकि इसराइली हमलों में पुल और सड़कें बुरी तरह तबाह हो गए थे.

सैनिक जैसे ही लितानी नदी को पार करके दक्षिणी इलाक़ों में पहुँचे तो स्थानीय लोगों ने चावल और फूल बरसाकर सैनिकों का स्वागत किया.

लेबनान के दक्षिणी शहर टायर में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सैनिकों के बड़े काफ़िले उन गाँवों और क़स्बों में दाख़िल हुए जहाँ अभी तक हिज़्बुल्ला के लड़ाकों का दबदबा माना जाता था.

लेबनान सरकार का कहना है कि दक्षिणी इलाक़ों में अब सरकार के नियंत्रण के अलावा किसी अन्य संगठन की समानांतर सरकार की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लेबनान सरकार और हिज़्बुल्ला के बीच एक अलिखित समझौता नज़र आता है जिसके तहत हिज़्बुल्ला टकराव से बचने के लिए लेबनान के सैनिकों की तैनाती का विरोध नहीं करेगा.

दक्षिणी इलाक़ों में लेबनान के कुल 15 हज़ार सैनिक तैनात होने हैं जिसके पहले चरण में दो हज़ार सैनिक तैनात किए जा रहे हैं.