गुरुवार, 17 अगस्त, 2006 को 14:52 GMT तक के समाचार
लेबनानी सेना क़रीब चार दशक में पहली बाह देश के दक्षिणी हिस्सों में तैनात हो रही है जहाँ हाल के वर्षों में हिज़्बुल्ला का दबदबा माना जाता था.
12 जुलाई को लेबनान पर इसराइली हमले शुरू हुए थे जिसके बाद गत सोमवार को युद्धविराम प्रस्ताव लागू हुआ. उसके बाद ही लेबनानी सेना दक्षिणी हिस्सों में तैनात की जा रही है.
लेबनानी सैनिकों को लितानी नदी को पार करने के लिए अस्थाई पुल बनाने पड़े क्योंकि इसराइली हमलों में पुल और सड़कें बुरी तरह तबाह हो गए थे.
सैनिक जैसे ही लितानी नदी को पार करके दक्षिणी इलाक़ों में पहुँचे तो स्थानीय लोगों ने चावल और फूल बरसाकर सैनिकों का स्वागत किया. लोगों ने लेबनानी झंडे भी फहराए.
लेबनान के दक्षिणी शहर टायर में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सैनिकों के बड़े काफ़िले उन गाँवों और क़स्बों में दाख़िल हुए जहाँ अबी तक हिज़्बुल्ला के लड़ाकों का दबदबा माना जाता था.
लेबनान सरकार का कहना है कि दक्षिणी इलाक़ों में अब सरकार के नियंत्रण के अलावा किसी अन्य संगठन की समानांतर सरकार की इजाज़त नहीं दी जाएगी.
राजधानी बेरूत में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लेबनान सरकार और हिज़्बुल्ला के बीच एक अलिखित समझौता नज़र आता है जिसके तहत हिज़्बुल्ला टकराव से बचने के लिए लेबनान के सैनिकों की तैनाती का विरोध नहीं करेगा.
इस अलिखित समझौते के अनुसार लेबनानी सैनिक की तैनाती के ज़रिए सरकार का नियंत्रण नज़र आएगा और हिज़्बुल्ला अपने हथियार सामने नहीं लाएंगे.
दक्षिणी इलाक़ों में लेबनान के कुल 15 हज़ार सैनिक तैनात होने हैं जिसके पहले चरण में दो हज़ार सैनिक तैनात किए जा रहे हैं.
इसराइल ने कहा है कि हमलों के दौरान लेबनान के जिन इलाक़ों पर क़ब्ज़ा किया गया था उनमें से लगभग आधे इलाक़े पहले ही संयुक्त राष्ट्र सेना को सौंपे जा चुके हैं. ग़ौरतलब है कि लेबनानी सेना संयुक्त राष्ट्र शांति सेना योजना के तहत ही तैनात की जा रही है.
राहत
उधर लेबनान की राजधानी बेरूत में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गुरूवार को उड़ानों के लिए फिर खोल दिया गया है. ग़ौरतलब है कि इसराइल ने शुरूआती हमलों में ही हवाई अड्डे को निशाना बनाया था जिसके बाद उसे उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया था.
लेबनान की राष्ट्रीय विमान सेवा मिडिल ईस्ट एयरलाइन्स का एक विमान जॉर्डन की राजधानी अम्मान से बेरूत के लिए उड़ा. उसके पीछे-पीछे जॉर्डन की शाही विमान सेवा का एक विमान भी उड़ा है.
इस बीच इसराइली हमलों से बेघर हुए लाखों लोग अपने घरों को वापिस लौट रहे हैं. गुरूवार को चौथे दिन भी यह सिलसिला जारी रहा और संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पिछले तीन दिन में लगभग ढाई लाख लोग अपने घरों को लौट चुके हैं.
राहत एजेंसियों ने यह चेतावनी भी दी है कि इतनी बड़ी संख्या में एकदम से घरों को लौटने की वजह से मानवीय समस्याएँ खड़ी हो सकती हैं क्योंकि बुनियादी सुविधाएँ अभी पूरी तरह बहाल नहीं हुई हैं.