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गुरुवार, 17 अगस्त, 2006 को 12:53 GMT तक के समाचार

लेबनानी सेना की दक्षिण में तैनाती शुरू

लेबनानी सेना ने गुरुवार को दक्षिणी हिस्से में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण लितानी नदी को पार कर लिया है.

इसराइल ने लेबनान के दक्षिणी इलाक़े में ही सबसे पहले हमले शुरू किए थे और अब युद्ध विराम लागू होने के बाद इसराइल ने बताया है कि इस क्षेत्र से उसके सैनिकों की वापसी हो रही है.

यह क्षेत्र लंबे समय से हिज़बुल्ला के कब्ज़े में रहा पर अब लेबनानी सेना इस क्षेत्र को अपने प्रभाव में ले रही है.

इस दक्षिणी इलाके में इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच लड़ाई हो रही थी जो सोमवार को युद्धविराम लागू होने के बाद रुकी है.

इस बाबत लेबनान के मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक बैठक के बाद सेना की तैनाती की अनुमति दे दी थी.

सेना की तैनाती के साथ ही यहाँ रहने वाले उन हज़ारों लोगों की घर वापसी भी शुरू हो जाएगी जो लड़ाई की वजह से घर छोड़कर चले गए थे.

हालांकि इस काम की रफ़्तार फिलहाल धीमी ही रहनेवाली है क्योंकि सेना की ओर से अभी सड़कों और पुलों की मरम्मत का काम जारी है.

संयुक्त राष्ट्र की ओर से बताया गया है कि सोमवार को लागू हुए युद्धविराम के बाद से अबतक क़रीब ढाई लाख लोग दक्षिणी क्षेत्र में स्थित अपने घरों में लौट चुके हैं.

नेतृत्व की पेशकश

इस बीच फ्रांस लेबनान में तैनात होनेवाली संयुक्त राष्ट्र शांति सेना का फ़रवरी तक नेतृत्व करने पर सहमत हो गया है.

हालांकि फ़्रांस की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि शांति सेना की संख्या पर्याप्त होनी चाहिए है और उसकी भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए.

उधर इसराइल के रक्षा मंत्री आमिर पेरेट्ज़ ने इसकी जाँच के लिए एक आयोग गठित किया है कि लेबनान पर हमले के दौरान पूरा सैन्य अभियान किस तरह से चलाया गया.

बीबीसी के येरुशलम संवाददाता का कहना है कि जब से इस तरह की ख़बरें आनी शुरू हुई थीं कि इसराइली सेनाएँ लेबनान में हिज़्बुल्ला के ख़िलाफ़ उतनी कामयाबी हासिल नहीं कर सकीं जितनी की पहले उम्मीद लगाई गई थी.

उसके बाद से ही आमिर पेरेट्ज़ को विपक्ष, मीडिया और आम लोगों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा था.

इस आयोग की अध्यक्षता इसराइली सेना के एक रिटायर प्रमुख करेंगे और इस आयोग से अंतरिम रिपोर्ट तीन सप्ताह में सौंपने को कहा है.