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बुधवार, 16 अगस्त, 2006 को 09:33 GMT तक के समाचार

लेबनान के साथ वार्ता की इसराइली पहल

इसराइल के रक्षा मंत्री आमिर पेरेट्ज़ ने कहा है कि हिज़्बुल्ला के साथ हुई लड़ाई के बाद लेबनान के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि लेबनान के साथ संघर्ष ने राजनैतिक संपर्क बनाने का नया अवसर दिया है.

पेरेट्ज के मुताबिक इसराइल को लेबनानी सरकार के साथ बातचीत शुरू कर देना चाहिए और साथ ही सीरिया के साथ वार्ता के लायक माहौल तैयार करना चाहिए.

ग़ौरतलब है कि सीरिया और ईरान पर हिज़्बुल्ला को शह देने के आरोप लगते रहे हैं.

पेरेट्ज़ ने कहा कि इसराइल के दुश्मन अब ये बात समझ चुके हैं कि वे उसे हरा नहीं सकते.

दूसरी ओर सीरिया और ईरान का मानना है कि लेबनान में हुई लड़ाई में जीत हिज़्बुल्ला की हुई है.

शांति सैनिक

इस बीच संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि युद्धविराम प्रस्ताव के अनुरुप अगले दो हफ़्तों के भीतर दक्षिणी लेबनान में तीन हज़ार से ज़्यादा शांति सैनिकों की तैनाती हो जाएगी.

शांति सैनिकों में अधिकांश फ्रांस के होंगे. संयुक्त राष्ट्र को उम्मीद है कि आगे चल कर इस्लामी देशों की टुकड़ियाँ भी आ जाएँगी.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि शांति सैनिकों की अविलंब तैनाती के अमरीकी आहवान के बावजूद किसी देश ने अपने जवान भेजने का पक्का वादा अभी तक नहीं किया है.

इस बीच इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान से हटना शुरु कर दिया है.

यहाँ से विस्थापित हुए लोग भी ख़तरों के बावजूद तेज़ी से अपने घरों की ओर लौट रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि जंग के दौरान इस्तेमाल हुए विस्फोटकों में से बहुत से नहीं फट सके और ये जहाँ-तहाँ बिखरे पड़े हैं. घर वापसी के दौरान लोग इनकी चपेट में आ सकते हैं.

जॉर्डन की चेतावनी

इस बीच जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला ने चेतावनी दी है कि जब तक मध्य पूर्व के मूल मुद्दे का हल नहीं खोजा जाता तब तक लेबनान में हुई लड़ाई जैसी घटना के दोहराने की संभावना बनी रहेगी.

शाह अब्दुल्ला ने जर्मनी के विदेश मंत्री फ़्रैंक वाल्टर स्टीमियर के साथ बातचीत के बाद उन्होंने इसराइल और अरब देशों के बीच शांति प्रक्रिया अविलंब शुरु करने का आहवान किया.