शनिवार, 12 अगस्त, 2006 को 16:07 GMT तक के समाचार
लेबनान में हिज़्बुल्ला के प्रमुख शेख़ हसन नसरल्लाह ने कहा है कि उनका संगठन संयुक्त राष्ट्र के युद्ध विराम प्रस्ताव का पालन करेगा लेकिन जब तक दक्षिणी लेबनान में इसराइली सैनिक मौजूद रहेंगे तब तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को प्रस्ताव संख्या 1701 पारित करके लेबनान में इसराइल और हिज़्बुल्ला से युद्ध विराम करने को कहा था.
शेख़ हसन नसरल्लाह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के कुछ अंश अनुचित हैं लेकिन हिज़्बुल्ला लेबनान की राष्ट्रीय एकता को ज़्यादा महत्वपूर्ण मानता है.
टेलीविज़न पर बोलते हुए हिज़्बुल्ला के प्रमुख नसरल्लाह ने यह भी कहा है कि वे संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव लागू होने के बाद दक्षिणी लेबनान में तैनात होने वाली लेबनानी सेना और संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों के साथ सहयोग करेंगे.
इस बीच इसराइली सेना ने कहा है कि शनिवार की लड़ाई में उसके सात सैनिक मारे गए हैं और 50 से ज़्यादा घायल हुए हैं.
विचार
समाचार एजेंसी के अनुसार नसरल्लाह ने कहा, "हम लेबनानी सरकार के किसी फ़ैसले में बाधा नहीं खड़ी करेंगे लेकिन जो हमें अनुचित और अन्यायपूर्ण लगता है उसके बारे में हमारे मंत्री अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे."
नसरल्लाह ने संघर्ष विराम के प्रस्ताव को टेलीविज़न पर संदेश में स्वीकार कर लिया और उस समय लेबनानी संसद इस पर एक विशेष विचार कर रही थी.
नसरल्लाह ने कहा है कि हिज़्बुल्ला इसराइल के उत्तरी इलाक़ों पर किए जाने वाले रॉकेट हमले तबी रोक देगा जब इसराइल अपने हवाई हमले और लेबनान के लोगों पर अन्य हमले रोक देगा.
शनिवार को इसराइल ने ज़मीनी लड़ाई का दायरा बढ़ाने के लिए हज़ारों सैनिक और टैंक लेबनान के अंदर भेजे.