रविवार, 13 अगस्त, 2006 को 00:06 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि इसराइल और हिज़्बुल्ला सोमवार से युद्धविराम लागू करने पर राज़ी हो गए हैं.
युद्धविराम ग्रीनिच मान समय के मुताबिक सोमवार सुबह पाँच बजे से प्रभावी हो जाएगा.
कोफ़ी अन्नान ने इसराइल और लेबनान के प्रधानमंत्री से विचार विमर्श करने के बाद इसकी घोषणा की.
हालाँकि दक्षिणी लेबनान से हिज़्बुल्ला को खदेड़ने के लिए इसराइली हमले रविवार को भी जारी रहने की संभावना है.
इस बीच इसराइल ने लेबनानी इलाक़ों पर पिछले 30 वर्षों का सबसे बड़ा हमला शुरु कर दिया है. शनिवार को हुई लड़ाई में 19 इसराइली सैनिक मारे गए.
एक इसराइली हेलीकॉप्टर को हिज्बुल्ला विद्रोहियों ने निशाना बनाया है. इस पर सवार पाँच जवानों का अभी अता पता नहीं चल पाया है.
युद्धविराम पर सहमति
हिज़्बुल्ला नेता शेख हसन नसरूल्ला ने कहा है कि उनका संगठन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से पारित युद्धविराम योजना को स्वीकार करेगा.
हालाँकि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव में युद्ध के लिए हिज़्बुल्ला को दोषी ठहराए जाने को अनुचित करार दिया.
उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, " हम लेबनानी सरकार के किसी फ़ैसले में बाधा नहीं बनेंगे."
उन्होंने कहा कि जब तक इसराइली सैनिक लेबनानी सरजमीं पर होंगे उनके ख़िलाफ़ संघर्ष जारी रहेगा.
लेबनान ने युद्धविराम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें 'संघर्ष पूरी तरह ख़त्म करने' की बात कही गई है.
लेबनानी प्रधानमंत्री फुआद सिन्यूरा ने कहा है कि लितानी नदी के दक्षिणी क्षेत्र में सिर्फ़ लेबनानी सेना की तैनाती होनी चाहिए.
युद्धविराम प्रस्ताव के मुताबिक इस क्षेत्र से हिज़्बुल्ला को पीछे हटना है.
अन्नान
कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि युद्धविराम को बरकरार रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र लेबनानी और इसराइली सरकार के साथ मिल कर काम करेगा.
इससे पहले उन्होंने कहा था कि दोनों देशों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के फ़ैसले का सम्मान करते हुए और नागरिकों को हो रही तकलीफ़ों को ध्यान में रखते हुए तुरंत लड़ाई रोक देनी चाहिए.
उधर इसराइल ने कहा है कि रविवार को कैबिनेट की बैठक में युद्धविराम प्रस्ताव को पारित कर दिया जाएगा पर प्रस्ताव के पारित होने तक हमले जारी रहेंगे.
इस बाबत जानकारी देते हुए इसराइल की विदेश मंत्री ज़िपी लिवनी ने संभावना व्यक्त की है कि सोमवार तक हमले बंद करने की घोषणा की जा सकती है.
हालांकि इसराइली अधिकारियों ने कहा है कि इसका यह मतलब नहीं है कि इसराइल हिज़्बुल्ला के ख़िलाफ़ अपनी सभी कार्रवाइयाँ रोक देगा.
पिछले 12 जुलाई को इसराइल ने अपने दो सैनिकों को हिज़्बुल्ला के क़ब्ज़े से छुड़ाने के लिए सैनिक कार्रवाई शुरु की थी. इसमें अब तक 1000 से ज़्यादा लेबनानी और 120 इसराइली मारे जा चुके हैं.