संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लेबनान में युद्ध विराम का प्रस्ताव पारित कर दिया है. प्रस्ताव पर इसराइल और लेबनान की ओर से सहमति के संकेत मिले हैं.
प्रस्ताव संख्या 1701 में 'जारी संघर्ष को पूरी तरह से रोकने' और लड़ाई का केंद्र बने दक्षिणी लेबनान से इसराइली सेनाओं की वापसी की बात कही गई है. यहाँ संयुक्त राष्ट्र और लेबनानी सैनिकों की तैनाती की जाएगी.
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने सुरक्षा परिषद में बनी सहमति पर कहा, "इस प्रस्ताव से लेबनान और इसराइल के बीच स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होना चाहिए."
अगला क़दम
अब इस प्रस्ताव पर इसराइल और लेबनान की कैबिनेट में विचार किया जाएगा.
अधिकारियों का कहना है कि इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट कैबिनेट से कहेंगे कि वो रविवार को होने वाली बैठक में युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर ले.
हालाँकि सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पर मतदान होने से महज कुछ घंटे पहले ओल्मर्ट ने इसराइली सेनाओं को लेबनान में ज़मीनी हमले तेज़ करने के निर्देश दिए.
ऐसी संभावना है कि कैबिनेट से युद्धविराम प्रस्ताव को मंजूरी मिलने तक इसराइली सेनाओं के हमले जारी रहेंगे.
इस बीच लेबनानी अधिकारियों ने भी युद्धविराम प्रस्ताव के दस्तावेजों का अध्ययन कर लिया है.
लेबनानी प्रधानमंत्री फुआद सिन्यूरा के एक सलाहकार ने सतर्कता बरतते हुए इस प्रस्ताव का स्वागत किया.
प्रस्ताव
युद्धविराम प्रस्ताव में कहा गया है कि हिज़्बुल्ला को इसराइल पर हमले रोकने होंगे और इसराइल को भी लेबनानी इलाक़ों में 'आक्रामक सैन्य कार्रवाई' ख़त्म कर देना चाहिए.
प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र के 15000 शांतिसैनिकों की लेबनान में तैनाती की बात कही गई है. इन्हें युद्धविराम की निगरानी करने के अधिकार दिए जाएंगे.
साथ ही लेबनान सरकार से कहा गया है कि वो हिज़्बुल्ला का गढ़ माने जाने वाले दक्षिणी हिस्से में सेना की तैनाती करे.
प्रस्ताव में हिज़्बुल्ला को निशस्त्र करने और इसराइल-लेबनान सीमा विवाद, जिसमें शेबा फार्म का इलाक़ा भी शामिल है, को हल करने की योजना बनाने का सुझाव दिया गया है.
प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने युद्धविराम प्रस्ताव को पारित किए जाने का स्वागत करते हुए कहा है कि अब तुरंत लड़ाई ख़त्म होनी चाहिए.
समाचार एजेंसी रायटर के मुताबिक ब्लेयर ने मध्यपूर्व का दौरा करने की घोषणा की है जिसके तहत वो इसराइल और फ़लस्तीन के बीच शांति वार्ता की राह में आई अड़चनों को दूर करने की कोशिश करेंगे.
फ्रांस के विदेश मंत्री फिलिप डोस्ट ब्लेज़ी ने प्रस्ताव पारित किए जाने को 'एक ऐतिहासिक मोड़' करार दिया है.
हालाँकि कतर के विदेश मंत्री का मानना है कि युद्धविराम प्रस्ताव असंतुलित है और इसराइल के पक्ष में अधिक झुका हुआ है.
हमले
इस बीच दक्षिणी लेबनान से भाग रहे लोगों की गाड़ियों का काफिला इसराइली हमले का निशाना बना है.
सुरक्षा अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस हमले में कम से कम छह लोग मारे गए हैं.
इससे पहले लेबनान-सीरिया सीमा पर एक पुल पर बमबारी किए जाने से वहाँ से गुजर रहे 12 लोगों की मौत हो गई.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने लेबनान में आम नागरिकों पर सुनियोजित ढ़ंग से इसराइली हमलों की जाँच के लिए एक आयोग का गठन किए जाने की ज़रुरत बताई है.