शुक्रवार, 11 अगस्त, 2006 को 01:27 GMT तक के समाचार
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि ब्रिटेन से अमरीका को जानेवाली उड़ानों में धमाकों की साज़िश कड़वी यादों को ताज़ा कर गई.
उनका कहना था कि अमरीका का इस्लामी चरमपंथियों से संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है.
राष्ट्रपति बुश का कहना था,'' इस्लामी फासीवादी ...स्वतंत्रता चाहनेवालों को किसी भी तरीके से समाप्त कर देना चाहते हैं.’’
उनका कहना था कि 11 सितंबर, 2001 के हमलों की तुलना में अमरीका ज़्यादा सुरक्षित है लेकिन वह 'पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है.'
राष्ट्रपति बुश ने कहा,'' अमरीकी लोगों को यह जान लेना चाहिए कि हम खतरनाक दुनिया में रहते हैं. लेकिन हमारी सरकार अपने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी.''
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता टोनी स्नो का कहना था कि राष्ट्रपति बुश ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से इस साज़िश के बारे में बात की है.
अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि विमानों में धमाकों की योजना से लगता है कि इसमें अल क़ायदा का हाथ हो सकता है.
उन्होंने कहा कि ऐसा मानना ग़लत है कि इस साजिश से अमरीका को कोई ख़तरा नहीं था.
उधर अमरीकी सरकार ने ब्रिटेन से अमरीका आनेवाले सभी विमानों के लिए सतर्कता सर्वोच्च स्तर पर कर दी है.
उसने सभी घरेलू और अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सुरक्षा के स्तर में भी बढ़ोत्तरी कर दी है. अमरीका और ब्रिटेन के बीच की उड़ानों पर अतिरिक्त मार्शल तैनात किए गए हैं.
नए सुरक्षा इंतज़ामों के तहत विमानों में किसी भी तरह का तरल पदार्थ, बालों में लगाने वाला जैल या तेल को ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है. यात्री अब ये सामान विमान में अपने साथ लेकर नहीं जा सकेंगे.
नाकाम साज़िश
ग़ौरतलब है कि ब्रिटेन पुलिस ने गुरुवार को कहा था कि उसने अमरीका जाने वाले कुछ विमानों में धमाके करने की एक बड़ी साज़िश को नाकाम कर दिया है.
लंदन पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा के मुखिया पीटर क्लार्क ने बताया कि विस्फोटक सामग्री उस सामान के साथ ले जाने की साज़िश रची गई थी जो यात्री विमान में अपने साथ रखते हैं.
उन्होंने बताया है कि ब्रिटेन से अमरीका की तरफ़ जाने वाले कम से कम दस विमानों में उड़ान के दौरान ही धमाके करने की साज़िश थी.
ब्रिटिश सरकार ने देश में सतर्कता का स्तर 'गंभीर' से बढ़ाकर 'अत्यंत गंभीर' कर दिया है जिसका मतलब है कि किसी हमले की बहुत आशंका है.