गुरुवार, 10 अगस्त, 2006 को 20:07 GMT तक के समाचार
लेबनान में इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच संघर्ष समाप्ति के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद एक प्रस्ताव पर शुक्रवार को मतदान कर सकता है.
उधर संयुक्त राष्ट्र में रूस की ओर से नियुक्त राजनयिक चुर्किन ने कहा है कि रूस अपनी ओर से लेबनान में 72 घंटों के संघर्ष विराम का एक अलग प्रस्ताव लाएगा.
उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि फिलहाल इस बात की संभावना कम ही है कि जारी संघर्ष की समाप्ति के लिए किसी व्यापक समझौते पर सहमति बन सकेगी.
इससे पहले न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थाई सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई और संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजनयिक जॉन बॉल्टन ने बताया है कि संघर्ष विराम के लिए एक प्रस्ताव लाने की दिशा में कुछ प्रगति हुई है.
बैठक के बारे में चर्चा करते हुए फ़्राँस के विदेशमंत्री ने बताया कि किसी भी समय एक प्रस्ताव पर सहमति बन सकती है.
इस बैठक के दौरान संघर्षविराम कैसे लागू किया जाए और लेबनान से इसराइली सैनिकों की वापसी कैसे सुनिश्चित की जाए जैसे गंभीर सवालों पर चर्चा की गई.
कुछ राजनयिकों ने आशंका जताई है कि इसराइली सैनिकों की वापसी के बाद वहाँ फिर से हिज़्बुल्ला के लड़ाके सक्रिय हो सकते हैं.
इस बाबत बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के एक संवाददाता का कहना है कि प्रस्ताव को लेकर कुछ जल्दबाज़ी तो नज़र आ रही है और एक तरह से यह चिंता भी है कि इसराइल का ज़मीनी आक्रमण फैलने से पहले ही संघर्षविराम के प्रस्ताव पर मतदान हो जाए.
संघर्ष जारी
इस बीच लेबनान के दक्षिणी इलाक़ों में इसराइली सेना और हिज़्बुल्ला लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई होने की ख़बरे हैं. यह लड़ाई ईसाई बहुल शहर मरजायौन के पास हो रही है.
लेबनानी सेना के एक कमांडर ने बीबीसी से बातचीत में इन इसराइली दावों का खंडन किया है कि इसराइली सैनिकों ने मरजायौन शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया है.
इससे पहले इसराइली सेना ने कहा था कि उसके सैनिकों ने रात में सीमा पार करके लेबनान के दक्षिणी हिस्से में मरजायौन शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया है.
हिज़्बुल्ला ने कहा है कि उसने 11 इसराइली टैंक ध्वस्त कर दिए हैं और लड़ाई के दौरान इन टैंकों पर सवार इसराइली सैनिक भी हताहत हुए हैं.
इसराइली मिसाइलों ने लेबनान की राजधानी बेरूत के पश्चिमी हिस्से में स्थित एक ऐतिहासिक प्रकाश भवन को निशाना बनाया है.
इसराइल सरकार ने इससे पहले कहा था कि लेबनान में और ज़्यादा ज़मीनी सैनिक भेजने के फ़ैसले पर अमल में इसलिए देरी की गई ताकि संकट सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों के लिए और समय मिल सके.
इस बीच हिज़्बुल्ला ने इसराइल के उत्तरी ठिकानों पर रॉकेट दागने जारी रखे हैं. एक रॉकेट एक इसराइली अरब गाँव डायर अल असद में गिरा जिसमें एक बच्ची की मौत हो गई.
मानवीय संकट
इस बीच संयुक्त राष्ट्र राहत कार्यों के प्रमुख यान इगेलान ने लेबनान में जारी संघर्ष के लिए इसराइल और हिज़्बुल्ला दोनों की निंदा करते हुए कहा है कि इस संघर्ष की वजह से आम लोगों को बहुत मुश्किलें हो रही हैं.
यान इगेलान ने जिनेवा में पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि इस लड़ाई की वजह से लेबनान में हालात बहुत ख़राब हो गए हैं और राहतकर्मियों के लिए आम लोगों तक राहत पहुँचाना असंभव हो गया है.
उन्होंने कहा है कि लेबनान में लाखों को मदद की सख़्त ज़रूरत है.
इगेलान ने कहा कि यह बड़े ही दुख की बात है कि हिज़्बुल्ला और इसराइल दोनों ही राहत और चिकित्सा सहायता पहुँचाने वाले काफ़िलों को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हुए हैं.
इगेलान ने कहा कि लेबनान में इस लड़ाई में अब तक एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
उन्होंने कहा है कि लेबनान की पूरी आबादी का लगभग एक चौथा से एक तिहाई हिस्सा बेघर हो गया है. ग़ौरतलब है कि लेबनान की आबादी लगभग चालीस लाख है.
अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसी मेडिसिन्स साँ फ्रंटियर्स ने कहा है कि वह इसराइली धमकियों के बावजूद दक्षिणी लेबनान में राहत पहुँचाने की कोशिश करेगी.
ग़ौरतलब है कि इसराइल ने मंगलवार को पर्चे गिराए थे जिसमें चेतावनी दी गई थी कि दक्षिणी लेबनान में लीतानी नदी के दक्षिणी इलाक़े में कोई भी वाहन चलता हुआ नज़र आया तो उस पर बमों से हमला किया जाएगा.