रविवार, 06 अगस्त, 2006 को 22:09 GMT तक के समाचार
पिछले एक महीने से चल रही लड़ाई में दक्षिणी लेबनान से हिज़्बुल्ला ने इसराइल पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया है.
हिज़्बुल्ला के रॉकेटों ने इसराइल के हाफ़िया शहर के कई इलाक़ों को क्षति पहुँचाई है और इसमें कम से कम तीन लोगों की जानें गई हैं.
हिज़्बुल्ला के रॉकेटों से कम से कम एक इमारत गिर गई है और बहुत से लोग घायल हुए हैं.
दूसरी ओर इसराइल ने दावा किया है कि उसने हिज़्बुल्ला के उस ठिकाने को नष्ट कर दिया है जहाँ से रॉकेट दाग़े जा रहे थे.
इसराइल का कहना है कि ये रॉकेट क़ाना से दाग़े जा रहे थे.
यह वही जगह है जहाँ दो दिन पहले इलराइली हमले में 28 लेबनानी मारे गए थे.
इससे पहले हिज़्बुल्ला के रॉकेटों से कम से कम 15 इसराइली सैनिकों की मौत हो गई थी.
इस हमले को लड़ाई शुरु होने के बाद से इसराइली सेना पर अब तक का सबसे घातक हमला कहा गया है.
इसके जवाब में इसराइली सेना ने गोले दाग़े हैं और बेरुत पर हवाई हमले किए गए हैं.
इसराइल में दक्षिणी बेरुत के उन हिस्सों पर हमले तेज़ किए हैं जिसे हिज़्बुल्ला का गढ़ माना जाता है.
प्रस्ताव में बदलाव की अपील
इस बीच लेबनान ने युद्धविराम प्रस्ताव के मसौदे में कुछ बदलाव के लिए औपचारिक अनुरोध किया है.
संयुक्त राष्ट्र में लेबनान के प्रतिनिधि नौहद मोहम्मद ने कहा है कि उन्होंने एक संशोधित प्रारुप सौंप दिया है.
इस संशोधित प्रस्ताव में लेबनानी इलाक़े से इसराइली सेना के हटने को कहा गया है.
इसराइल का कहना है कि वो हिज़्बुल्ला पर तब तक हमले जारी रखेगा जब तक युद्धविराम पर प्रस्ताव क्रियान्वन में नहीं आ जाता जिसमें इसराइल के मुताबिक हफ़्तों लग सकते हैं.
जबकि हिज़्बुल्ला ने कहा है कि वो तब तक लड़ता रहेगा जब तक लेबनानी क्षेत्र से आख़िरी इसराइली सैनिक नहीं चला जाता.
ग़ौरतलब है कि लेबनान में युद्धविराम के प्रस्ताव पर अमरीका और फ़्रांस के बीच मतभेद थे जो लंबे प्रयासों के बाद दूर हो गए हैं.
अब इस पर सुरक्षा परिषद के देश विचार कर रहे हैं और अगले हफ़्ते के शुरु में इस पर मतदान होने की संभावना बताई जा रही है.