गुरुवार, 03 अगस्त, 2006 को 17:16 GMT तक के समाचार
मध्य पूर्व में शीर्ष अमरीकी कमांडर जनरल जॉन अबीज़ायद ने चेतावनी दी है कि इराक़ में अगर जातीय हिंसा को नहीं रोका गया तो देश गृहयुद्ध के गर्त में जा सकता है.
जनरल अबीज़ायद ने सीनेट की सशस्त्र सेवाओं की समिति को बताया, "मैंने इराक़ में गृहयुद्ध की स्थिति बहुत ख़राब देखी है."
इसी तरह की चेतावनी इराक़ में हाल में ब्रितानी राजदूत विलियम पैटी ने भी दी थी. विलियम पैटी ने एक गुप्त दस्तावेज़ में कहा था कि इराक़ में स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्था क़ायम होने की जगह, वहाँ गृह युद्ध और देश के विघटन की स्थिति पैदा होने की आशंका ज़्यादा हैं.
इराक़ में अमरीकी कमांडर जनरल अबीज़ायद ने कहा कि शीर्ष प्राथमिकता राजधानी बग़दाद को सुरक्षित बनाना है जहाँ संघर्ष "निर्णायक स्थिति" में पहुँच गया है.
कमांडर ने कहा, "यह स्पष्ट है कि बग़दाद में स्थिति इतनी ख़राब हो गई है कि वहाँ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की ज़रूरत है - अमरीकी और इराक़ी दोनों की."
लेकिन जनरल अबीज़ायद ने यह भी कहा कि वह आशान्वित भी हैं कि इराक़ी सरकार और इराक़ी सुरक्षा बल अमरीकी सहायता से देश को गृहयुद्ध के गर्त में जाने से रोक सकते हैं.
एक तरफ़ तो इस तरह की चेतावनियाँ दी गई हैं दूसरी तरफ़ इराक़ में गुरूवार को भी राजधानी बग़दाद में व्यस्त इलाक़े में एक कार बम धमाका हुआ जिसमें कम से कम 10 लोग मारे गए और 29 ज़ख़्मी हो गए.
जनरल अबीज़ायद की इस चेतावनी का समर्थन ज्वाइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ के चेयरमैन जनरल पीटर पेस ने भी किया. उन्होंने कहा कि गृहयुद्ध से बचना या उसके गर्त में चले जाना इराक़ियों पर निर्भर करेगा.
जनरल पीटर पेस ने कहा, "शिया और सुन्नी दोनों ही जितनी नफ़रत एक दूसरे से करते हैं, उन्हें समझना होगा कि वे उससे ज़्यादा प्रेम अपने बच्चों से करते हैं."
सीनेट समिति की सुनवाई में अमरीकी रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड ने भी हिस्सा लिया लेकिन उन्होंने इराक़ में गृहयुद्ध की आशंका के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की.
अलबत्ता डोनाल्ड रम्सफेल्ड ने इराक़ से अमरीकी सेनाओं को जल्दी बुलाने के ख़िलाफ़ आगाह ज़रूर किया.