रविवार, 30 जुलाई, 2006 को 11:24 GMT तक के समाचार
इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने लेबनान के काना कस्बे में आम नागरिकों के मारे जाने पर ख़ेद जताया है.
पर साथ ही उन्होंने कहा है कि वे संघर्षविराम की बात नहीं करेंगे और न ही इसराइली सेना से अपने अभियान में किसी तरह का बदलाव करने के लिए कहेंगे.
दक्षिणी लेबनान के पास बसे कस्बे काना पर हुए इसराइली हवाई हमले में 50 से ज़्यादा लोग मारे गए थे इनमें से 20 बच्चे बताए जा रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना की कड़ी निंदा हुई है.
हिज़्बुल्ला ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
रिपोर्टों के अनुसार कई परिवारों ने कान की एक इमारत में शरण ले रखी थी और इसी इमारत पर बम आकर गिरा.
इसराइल ने इस बारे में कहा है कि हिज़्बुल्ला इस गाँव का इस्तेमाल रॉकेट छोड़ने के लिए कर रहा था और अब पूरी ज़िम्मेदारी उसकी की है.
अमरीका की विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस ने क़ाना में आम नागरिकों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया है.
जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला ने इसराइली हवाई हमले को एक अपराध बताया और कहा कि ये अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है. जॉर्डन अमरीका का सहयोगी देश है और उसका इसराइल से कूटनीतिक संबंध है.
वहीं फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने कहा ये हमला न्योयचित नहीं है.
पोप बेनेडिक्ट ने सभी पक्षों से हथियार डालने की अपील करते हुए संघर्षविराम की बात कही.
काना में हुई घटना से नाराज़ लोगों ने लेबनान की राजधानी बेरुत में रविवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पर धावा बोल दिया.
संयुक्त राष्ट्र कार्यालय पर हमला
संयुक्त राष्ट्र इमारत के बाहर इकट्ठा हुए लोगों ने इसराइल और अमरीका के ख़िलाफ़ नारे लगाए और स्थिति में हस्तक्षेप न करने के लिए अरब देशों की निंदा की.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सुरक्षाबलों ने अब स्थिति पर निंयत्रण कर लिया है.
इससे पहले लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा ने कहा कि वे मध्य पूर्व में चल रहे संकट को सुलझाने के लिए तब तक कोई बातचीत नहीं करेंगे जब तक तुरंत बिना शर्त के संघर्षविराम नहीं लागू किया जाता.
इसके बाद अमरीकी विदेश मंत्री ने अपनी लेबनान यात्रा रद्द कर दी है.
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस की मध्य पूर्व यात्रा के दौरान भी हिज़बुल्ला और इसराइल के बीच संघर्ष में कोई कमी नहीं आई है और इसराइली हमलों ने लेबनान और सीरिया की मुख्य सीमा को बंद कर दिया है.
इस बीच ग़ज़ा में फ़लस्तीनी डॉक्टरों ने कहा है कि वहाँ हुए ताज़ा हवाई हमलों में कई लोग घायल हुए हैं.
इसराइल ने कहा है कि उसने ऐसी इमारतों पर हमला किया है जिनका इस्तेमाल हमास से जुड़े चरमपंथी कर रहे हैं.