शनिवार, 29 जुलाई, 2006 को 20:09 GMT तक के समाचार
इसराइल और लेबनान के हिज़्बुल्ला चरमपंथियों के बीच चल रही लड़ाई का हल खोजने के लिए अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने यरुशलम में इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट के साथ बातचीत की है.
वे अन्य इसराइली अधिकारियों के साथ आगे बातचीत करने के बाद बेरूत जाएँगी.
दूसरी ओर जहाँ हिज़्बुल्ला ने उत्तरी इसराइल में और रॉकेट दागने की धमकी दी है वहीं ब्रितानी प्रधानमंत्री ने हिज़्बुल्ला के साथ-साथ ईरान और सीरिया को भी चेताया है.
उधर इसराइल ने लेबनान में तीन दिनों के युद्धविराम की संयुक्त राष्ट्र की अपील को ठुकरा दिया है. संयुक्त राष्ट्र ने चिकित्सा और राहत सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ये अपील की थी.
बीबीसी संवाददाता को एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने बताया है कि अमरीकी विदेश मंत्री राइस की यात्रा से होने वाली प्रगति पर नज़र रखने के कारण ज़रूर हैं लेकिन इसराइली और लेबनानी सरकारों के सामने कई मुश्किलें हैं.
इसराइली अधिकारियों ने बीबीसी को संकेत दिया था कि अगले हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र के लड़ाई रोकने के लिए प्रस्ताव पारित करने के साथ ही इसराइल लड़ाई रोकने की अपनी इच्छा ज़ाहिर कर सकता है.
ब्लेयर ने हिज़्बुल्ला को चेताया
उधर हिज़्बुल्ला नेता हसन नसरल्ला ने धमकी दी है कि यदि इसराइल लेबनान पर हमले जारी रखता है तो उनका गुट केंद्रीय इसराइल पर रॉकेट दागेगा.
अरबी टीवी चैनलों पर बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि दक्षिणी लेबनान में इसराइली थल सेनाओं की गंभीर हार हुई है और 'स्पष्ट है कि इसराइल सैन्य जीत नहीं पा सका.'
उन्होंने अमरीकी विदेश मंत्री की यरुशलम यात्रा की भी आलोचना की है.
दूसरी ओर ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि हिज़्बुल्ला को लड़ाई ख़त्म करने के लिए की जा रहे प्रयासों में सहयोग देना चाहिए.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता तो हिज़्बुल्ला को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की पूरी ताकत का सामना करना पड़ा सकता है.
बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने ये भी कहा कि सीरिया और ईरान को हिज़्बुल्ला पर दबाव डालना चाहिए नहीं तो उन्हें भी इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है.