शुक्रवार, 28 जुलाई, 2006 को 15:51 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति ने कहा है कि अमरीका को "आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई" के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले सभी गुप्त कारावास तुरंत बंद करने चाहिए.
मानवाधिकार समिति ने ऐसे कारावासों में बंद सभी क़ैदियों तक रेडक्रास की पहुँच की मांग की है.
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में अमरीका की अंदरूनी मानवाधिकार स्थिति का ज़िक्र है.
इसमें सरकार को अपील की गई है कि राहत कायों में ग़रीब और काले लोगों के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए.
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये दोनों ही गुट कैटरीना तूफ़ान के समय नुक़सान में रहे थे.
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार पैनल ने कहा है, "अमरीका को ग़रीब लोगों, खासकर अफ़्रीकियों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए और पुनर्निर्माण के दौरान आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर पूरा ध्यान दिया जाए."
रिपोर्ट में मौत की सज़ा पर रोक लगाने की बात भी कही गई है जोकि, रिपोर्ट के मुताबिक ग़रीबों और अल्पसंखयकों पर ग़ैरअनुपातिक तरीके से थोपी जाती है.
क़ानूनी सुरक्षा
समिति ने 1966 की नागरिक और राजनीतिक अधिकार संधि का अमरीका में पालन होने का आकलन करने पर जिनेवा में हुई बैठक के बाद यह रिपोर्ट जारी की है.
सुनवाई के दौरान अमरीकी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आतंकवाद से जुड़े मसले मोटे तौर पर 1966 की इस संधि के दायरे से बाहर हैं.
परंतु कमेटी ने शुक्रवार को कहा कि अमरीका को अपनी इस सोच पर फिर से विचार करना चाहिए और इस समझौते को भलाई की मंशा के साथ लागू करना चाहिए.
कमेटी ने कहा कि उसके पास विश्वसनीय जानकारी है कि अमरीका ने गुप्त स्थानों पर गुप्त तरीके से लोगों को महीनों और वर्षों तक बंद करके रखा है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ''अमरीका लोगों को केवल ऐसे स्थानों पर ही रखे जहाँ वे कानूनी सुरक्षा पा सकें.''
लगभग दो ही महीने पहले संयुक्त राष्ट्र की एक और कमेटी ने अमरीका को क्यूबा में ग्वांतनामो बंदी ग्रह को बंद करने के लिए कहा था.
जुलाई के शुरू में बुश प्रशासन ने ऐलान किया था कि ग्वांतनामो समेत सभी बंदी गृहों में बंद क़ैदियो के साथ जिनेवा संधि के तहत ही सूलूक किया जाएगा.
बुश प्रशासन की नीति में यह बदलाव अमरीकी सुप्रीम कोट के उस फैसले के बाद आया जिस में कहा गया था कि जिनेवा कन्वेशंन इन बंदियों पर लागू होती है.