गुरुवार, 27 जुलाई, 2006 को 21:17 GMT तक के समाचार
जहाँ एक ओर दक्षिणी लेबनान पर इसराइल के हमले जारी हैं वहीं अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस की सुरक्षा में पलायन कर रहे सैकड़ो लोगों का काफ़िला टायर के बंदरगाह में पहुँचा है.
उन्होंने दो सप्ताह की भीषण गोलाबारी के दौरान, अत्यंत मुश्किल परिस्थितियों में, घरों में फँसे रहने की अपनी व्यथा बयान की है. उनका कहना है कि इस दौरान खाद्य पदार्थ और पानी भी ख़त्म हो गया.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री का अनुमान है कि इसराइली बमबारी में छह सौ तक आम नागरिक मारे गए और इनमें से लगभग दौ सौ अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं.
दक्षिणी नगर बिंत जबैल में अब भी भीषण लड़ाई जारी है. वहाँ नौ इसराइली सैनिक मारे गए थे. हिज़्बुल्ला चरमपंथियों ने उत्तरी इसराइल पर लगभग 40 रॉकेट दागे हैं.
'हमलों की इजाज़त नहीं'
उधर यूरोपीय संघ के नेताओं ने ज़ोर देकर कहा है कि इसराइल का ये मानना ग़लत होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने उसे लेबनान के ख़िलाफ़ अपने हमले जारी रखने की इजाज़त दे दी है.
जर्मनी ने कहा है कि इसराइल का ऐसा मानना रोम में हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के फ़ैसले का ग़लत अर्थ लगाना होगा.
इसराइल के सुरक्षा मंत्रिमंडल ने हिज़्बुल्ला चरमपंथियों पर हमले जारी रखने के पक्ष में मतदान किया लेकिन इस व्यापक ज़मीनी लड़ाई बनाने के ख़िलाफ़ फ़ैसला किया.
इसराइल दक्षिणी लेबनान में अपनी लड़ाई को बल प्रदान करने के लिए हज़ारों अतिरिक्त सैनिकों को बुला रहा है. ये आँकड़ा 15 से 40 हज़ार तक हो सकता है.
उधर यूरोपीय संघ ने फ़लस्तीनी स्वास्थ्य क्षेत्र को मदद देनी शुरु कर दी है ताकि वहाँ मानवायी संकट घटाया जा सके.