बुधवार, 26 जुलाई, 2006 को 12:40 GMT तक के समाचार
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने बुधवार को कहा कि उन्हें अदालत में पेशी के लिए अस्पताल से ज़बरदस्ती लाया गया है.
ग़ौरतलब है कि सद्दाम हुसैन भूख हड़ताल पर थे और बुधवार को उनके मुक़दमे की फिर सुनवाई हुई.
सद्दाम हुसैन ने अदालत में कहा, ''आदरणीय मुख्य जज साहब, मुझे यहाँ ज़बरदस्ती लाया गया है.''
सद्दाम हुसैन को पिछले रविवार को उनकी भूख हड़ताल की वजह से अस्पताल ले जाना पड़ा था जो उन्होंने अपने तीन वकीलों की हत्या के विरोध में 7 जुलाई को शुरू की थी.
सोमवार को अदालती कारवाई सद्दाम हुसैन की मौजूदगी के बिना ही आगे बढ़ी क्योंकि तब वे अस्पताल में इलाज करवा रहे थे.
बुधवार को उन्होंने अदालत को बताया, ''मुझे मेरी इच्छा के विरूद्ध अस्पताल से सीधे लाया गया है... अमरीकी मुझे मेरी इच्छा के खिलाफ यहाँ लाने पर अडे थे जोकि सही नहीं है.
"तीन दिन पहले मुझे अस्पताल ले जाया गया था और आज मुझे अस्पताल से यहां जबरदस्ती लाया गया. मुझे नली के ज़रिए भोजन दिया गया.''
सद्दाम हुसैन के बचाव पक्ष के वकील मुक़दमे की सुनवाई का बहिष्कार करते आ रहे हैं और उनके बदले नए वकीलों के नाम भी दे दिए गए हैं.
सद्दाम हुसैन ने मुख्य जज से कहा कि उन्हें अदालत की और से उनके बचाव के लिए नामज़द किए गए वकील भी मंज़ूर नही हैं.
उन्होंने कहा, ''आदरणीय जज साहब, मैं इस अदालत के सामने हाज़िर होने से इनकार करता हूँ, लेकिन यह अदालत जो चाहे कारवाई कर सकती हैं.''
इसके जवाब में जज अब्दुल रहमान ने कहा, ''आपके वकीलों को सुनवाई के बारे में सूचित कर दिया गया था लेकिन वो नही आए. उन्हें करोड़ों डालर अदा किए जाने के बावजूद वे पड़ोसी देश में रह कर हिंसा भड़काते हैं.''
सद्दाम हुसैन के ज़्यादातर वकील जॉर्डन की राजधानी अमान से हैं. सद्दाम हुसैन और उनके सात सहयोगियों पर मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए मुक़दमा चलाया जा रहा है.
वे सब इन आरोपों से इनकार करते हैं. अभियोजन पक्ष ने 1982 में दुजैल गांव में 148 शिया मुसलमानों के क़त्ल के लिए सद्दाम हुसैन और दो अन्य अभियुक्तों को मौत की सज़ा दिए जाने की मांग की है.