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बुधवार, 26 जुलाई, 2006 को 12:41 GMT तक के समाचार

मध्यपूर्व पर रोम में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

मध्यपूर्व की समस्या पर इटली की राजधानी रोम में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुधवार को शुरु हुआ है जिसमें दक्षिण लेबनान में शांति सेना की तैनाती पर विचार होना है.

इस सम्मेलन के लिए उन सभी को आमंत्रित किया गया जो शांति सेना में योगदान दे सकते हैं.

इनमें यूरोपीय संघ के अलावा कई अरब देश और तुर्की शामिल हैं. लेकिन सीरिया और ईरान को इसके लिए आमंत्रित नहीं किया गया.

हालांकि रोम के इस सम्मेलन से पहले ब्रितानी और अमरीकी अधिकारी कह रहे हैं कि उन्हें इस सम्मेलन से कोई बड़ी उम्मीदें नहीं है.

इटली के प्रधानमंत्री का कहना है कि इसमें भाग ले रहे देशों के लिए शांति स्थापना का रास्ता ढूढ़ना सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

एक ओर ब्रिटेन और अमरीका का कहना है कि शांति की तात्कालिक कोशिशों से ज़्यादा महत्वपूर्ण यह है कि हिंसा की जड़ों को ही ख़त्म करने का प्रयास किया जाए.

दूसरी ओर की राय इससे कुछ अलग है और संभावना है कि इसी विषय पर सम्मेलन में राय विभाजित रहेगी.

इसके अलावा इस बात पर भी चर्चा होनी है कि लेबनान में मानवीय सहायता किस तरह पहुँचाई जाए क्योंकि इसके लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच रहकर काम करना होगा.

अभी यह भी अभी तय नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय सेनाएँ किन नियमों के तहत वहाँ कार्य करेंगी.

पर्यवेक्षक मारे गए

इसराइली वायुसेना ने संयुक्त राष्ट्र की एक पर्यवेक्षण चौकी पर हमला किया है जिसमें चार पर्यवेक्षकों की मौत हुई है.

संयुक्त राष्ट्र ने आरोप लगाया है कि ये हमला जानबूझ कर किया गया है और इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र की चौकियों को 14 बार इसराइली सेनाओं ने निशाना बनाया.

उधर इसराइल ने पर्यवेक्षकों के मारे जाने पर खेद जताते हुए इसकी जाँच के आदेश दिए हैं. खेद जताने के लिए इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान से फ़ोन पर बात भी की है.

इस बीच इसराइल ने हिज़्बुल्ला के एक सीनियर कमांडर को मारने का दावा किया है.

हिज़्बुल्ला के प्रमूख हसन नसरल्ला ने टेलीविज़न पर जारी अपने एक बयान में कहा है कि हिज़्बुल्ला के लड़ाके इसराइल के भीतरी हिस्सों में (हाइफ़ा शहर के पार भी) मिसाइलों से हमले जारी रखेंगे.