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मंगलवार, 25 जुलाई, 2006 को 13:45 GMT तक के समाचार

'लेबनान में सुरक्षा पट्टी बनाकर नियंत्रण'

इसराइल ने कहा है कि वो दक्षिणी लेबनान में एक 'सुरक्षा पट्टी' बना कर उस पर तब तक नियंत्रण रखेगा जब तक वहाँ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल तैनात नहीं किए जाते.

इसराइल के रक्षा मंत्री आमिर पेरट्ज़ ने कहा है, "हमारे पास और कोई विकल्प नहीं है. हमें सुरक्षा पट्टी बनानी होगी."

इसराइली रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर अंततराष्ट्रीय बल नहीं आते हैं तो ये सुरक्षा पट्टी उनके देश की सेना के नियंत्रण में रहेगी. उन्होंने ये स्पष्ट नहीं किया कि क्या इसराइली सेना वहीं रहेगीं या नहीं.

ये घोषणा ऐसे समय आई जब अमरीकी विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस मध्य पूर्व के दौरे पर हैं और कई नेताओं से मिल रही हैं.

राइस का दौरा

अमरीका की विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के चलते 'बेकसूर नागरिकों' को ही रही तकलीफ़ पर चिंता जताई है.

कॉंडोलीज़ा राइस ने ये बात रमल्ला में फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात के बाद कही.

महमूद अब्बास ने तुरंत संघर्षविराम की माँग की है लेकिन कॉंडोलीज़ा राइस ने फ़लस्तीनी राष्ट्रपति की माँग का समर्थन नहीं किया. हालांकि राइस ने क्षेत्र में शांति की अपील ज़रूर की.

इससे पहले अमरीकी विदेश मंत्री ने इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट से मुलाकात की थी.

एहुद ओल्मर्ट ने कहा था कि हिज़्बुल्ला के ख़िलाफ़ अभियान जारी रहेगा.

लेबनान-इसराइल में मानवीय त्रासदी

ओल्मर्ट का कहना था कि लेबनान के लोगों की मानवीय ज़रूरतों का उन्हें एहसास है लेकिन साथ ही ओल्मर्ट ने कहा कि इसराइल आतंकवाद के ख़िलाफ़ अपनी रक्षा कर रहा है.

इस बीच लेबनान पर इसराइली हमले जारी हैं. हमले में नबातीह शहर में एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई.

हिज़्बुल्ला ने भी इसराइल पर रॉकेट से हमले किए हैं.

मानवीय ज़रूरतें

इसराइल के प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनका देश लेबनान के लोगों के साथ संघर्ष नहीं कर रहा बल्कि हिज़्बुल्ला से लड़ रहा है. एहुद ओल्मर्ट ने हिज़्बुल्ला को आतंकवादी संगठन बताया.

इसराइल ने संकेत दिए हैं कि वो दक्षिणी लेबनान में और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती को लिए तैयार है.

लेकिन बीबीसी संवाददाता जॉनथन बीएल का कहना है कि इस बात को लेकर अब भी आशंका है कि क्या इस सुरक्षा बल को हिज़्बुल्ला स्वीकार करेगा या नहीं.

अमरीकी विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस भी इस बात पर ज़ोर देती रही हैं कि इसराइल को लेबनान और फ़लस्तीनी लोगों की मानवीय ज़रूरतों का ध्यान रखना चाहिए.

लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि वे इसराइली प्रधानमंत्री से सैन्य अभियान बंद करने के लिए कहेंगी या फिर इसराइल के क़दमों की आलोचना करेंगी.

राइस मध्यपूर्व में शांति के लिए कूटनयिक प्रयासों के लिए वहाँ पहुँचीं हैं.

कॉंडोलीज़ा राइस ने कहा, स्थाई हल वही होगा जो मध्य पूर्व में शांति और लोकतंत्र को मज़बूत करे. समय आ गया है कि नया मध्य पूर्व बनाया जाए.

इससे पहले राइस ने सोमवार को लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा से मुलाक़ात की थी.

पिछले 14 दिनों से चल रहे संघर्ष में करीब 380 लेबनान के लोग मारे जा चुके हैं और 40 इसराइलियों की भी मौत हुई है.

मदद की अपील

लेबनान और इसराइल के बीच संघर्ष की शुरुआत गत 12 जुलाई को हुई थी जब हिज़्बुल्ला ने सीमापार हमला करके दो इसराइली सैनिकों को बंधक बना लिया था.

उधर संयुक्त राष्ट्र सहायता एजेंसी के प्रमुख ने इसराइल पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है. उन्होंने हिज़्बुल्ला पर भी आरोप लगाया कि वो महिलाओं और बच्चों के बीच ख़ुद को रखकर 'कायरता' का प्रमाण दे रहा है और समस्या को और बढ़ा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान के लिए 15 करोड़ डॉलर की मदद की अपील की है. जबकि अमरीका ने तीन करोड़ डॉलर देने की घोषणा की है.

यूरोपीय संघ ने सोमवार को एक करोड़ 26 लाख डॉलर की मदद देने की घोषणा की थी जबकि ब्रिटेन ने सहायता राशि बढ़ाकर 50 लाख पाउंड कर दी है.