रविवार, 23 जुलाई, 2006 को 05:58 GMT तक के समाचार
इसराइली विमानों ने रविवार की सुबह लेबनान के शहरों बेरूत और सिदोन को फिर निशाना बनाया है और उन पर बमबारी की है.
इसराइली सेना का कहना है कि इन दोनों शहरों में हिज़्बुल्ला के ठिकानों पर हमले किए गए.
इसके पहले इसराइली सेना ने लेबनान की सीमा से सटे गांव मारौन अल रास पर कब्ज़ा कर लिया था.
इसराइल का कहना है कि इसी स्थान से हिज़्बुल्ला चरमपंथी इसराइल के शहरों पर रॉकेट दागा करते थे.
इधर संयुक्त राष्ट्र के राहत समन्वयक यैन एगलैन ने कहा है कि इसराइल को राहत सामग्री पहुँचाने के लिए रास्ता खोलना चाहिए.
इसराइल ने घोषणा की है कि वो नौसैनिक घेराबंदी हटाएया ताकि बेरूत में आपूर्ति पहुँच सके.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सड़कों और पुलों के नष्ट हो जाने के कारण मौजूदा आपूर्ति पहुँचने में बाधा आ रही है.
इधर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने मौजूदा संघर्ष के लिए हिज़्बुल्ला को दोषी ठहराया है. उन्होंने इसके लिए हिज़्बुल्ला के समर्थक देशों सीरिया और ईरान की भी आलोचना की है.
दूसरी ओर ईरान की सेना प्रमुख ने हिज़्बु्ल्ला को राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन देने की घोषणा की है लेकिन उन्होंने सैनिक हस्तक्षेप की संभावना से इनकार किया है.
दोनों पक्षों के संघर्ष के बीच हज़ारों लोग दक्षिणी लेबनान से भागने लगे हैं. इसराइली सेना ने शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में कुछ पर्चे गिराए थे, जिसमें लोगों को वहाँ से चले जाने को कहा था.
नए हमले
इसराइली सेना ने कहा है कि उसके सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में एक गाँव मरौन अल रास से हिज़बुल्ला छापामारों को खदेड़ दिया है.
इस गाँव के आसपास भीषण संघर्ष हुआ है जिसमें इस हफ्ते इसराइल के छह सैनिक मारे गए थे.
इसराइली टैंक लेबनान के इलाक़े में घुस गए लेकिन इसराइली सेना ने कहा है कि पूरे पैमाने पर हमले की योजना नहीं है और ज़मीनी कार्रवाई सीमित रहेगी.
इसराइली विमानों ने लेबनान में टेलीविज़न केंद्र और मोबाइल टेलीफ़ोन के केंद्रों को भी निशाना बनाया है. इन हमलों मे एक व्यक्ति की मौत हुई है.
हिज़्बुल्ला ने भी उत्तरी इसराइल पर रॉकेट हमला किया है. इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं.
राहत की चिंता
संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में खाद्य सामग्री की आपूर्ति में रुकावट पर भी चिंता व्यक्त की है.
एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसराइली विमानों से की गई बमबारी के बाद सिर्फ़ तबाही नज़र आती है.
लेबनान में कई दिनों से हो रहे हमलों से घरों, चिकित्सा सुविधाएँ, स्कूल, सड़कें, तेल भंड़ारों को ज़बरदस्त क्षति पहुँची है.
संवाददाता का कहना है कि लोगों को वहाँ से निकालने का काम आसान नहीं होगा क्योंकि यह काम इस पर निर्भर करता है कि इसराइल लोगों को सुरक्षित निकालने का भरोसा देता है या नहीं.
उसका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ राहत अधिकारी यैन एगलैन के सामने चुनौती भरा काम है.