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शनिवार, 22 जुलाई, 2006 को 11:02 GMT तक के समाचार

इसराइल को अमरीकी बमों की खेप

अमरीका से मिली ख़बरों में कहा गया है कि राष्ट्रपति बुश का प्रशासन इसराइल को ऐसे बमों का ज़ख़ीरा तुरंत भेज रहा है जिन्हें बहुत अचूक निशाने पर दागा जा सकता है.

अमरीका के न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार ने शनिवार को ख़बर छापी है कि इसराइल ने लेबनान पर हवाई हमले शुरू करने के बाद पिछले सप्ताह बमों का यह ज़ख़ीरा जल्दी से जल्दी भेजने का अनुरोध किया था.

अमरीका अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि इसराइल के इस अनुरोध को सार्वजनिक नहीं किया गया था. यह अनुरोध असामान्य प्रकृति का था और यह इस बात का संकेत था कि इसराइल ने लेबनान में बड़ी संख्या में ऐसे लक्ष्य निर्धारित किए हैं जिन्हें निशाना बनाया जाना है.

बुश प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि सेटेलाइट और लेज़र से निर्देशित होने वाले ये हथियार लाखों डॉलर के उस हथियार समझौते का हिस्सा है जो अमरीका और इसराइल के बीच 2005 में हुआ था और व्यवस्था थी कि इसराइल कभी भी इन हथियारों की मांग कर सकता है.

अधिकारियों का कहना है कि बुश प्रशासन में छोटी सी बहस के बाद ही इसराइल को इस समय हथियारों का यह ज़ख़ीरा भेजना के फ़ैसले को हरी झंडी दे दी गई.

अख़बार का कहना है कि यह ख़बर सामने आने के बाद अरब और कुछ अन्य देशों की सरकारों में ग़ुस्सा बढ़ सकता है क्योंकि इससे ऐसा लगता है कि अमरीका लेबनान में इसराइल की हवाई बमबारी को सक्रिय रूप से समर्थन दे रहा है और अमरीका का यह क़दम ईरान के उस क़दम से तुलना करके देखा जा सकता है जिसमें कहा जाता है कि ईरान हिज़्बुल्ला को हथियार और समर्थन देता है.

अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने शुक्रवार को कहा था कि वह मध्य पूर्व के अपने कूटनीतिक दौरे के दौरान रविवार को इसराइल जाएंगी. पहले उनकी यात्रा की मूल योजना में उन्हें मिस्र की राजधानी काहिरा में रुकना था लेकिन उन्होंने किसी भी अरब देश में अपने पहुँचने या रुकने की घोषणा नहीं की है.

कुछ पश्चिमी देशों के राजनयिकों का कहना है कि अरब और यूरोपीय प्रतिनिधियों की बैठक मूल रूप से काहिरा में आयोजित की जानी थी लेकिन अब यह इटली में होगी.