बुधवार, 19 जुलाई, 2006 को 08:41 GMT तक के समाचार
पॉल एडम्स
बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता
संयुक्त राष्ट्र की तीन सदस्यों वाला जो प्रतिनिधिमंडल मध्य पूर्व में लेबनान पर इसराइली हमले से उत्पन्न संकट को हल करने की कोशिश के बाद बुधवार सुबह न्यूयॉर्क लौट रहा है.
ऐसा लगता है कि यह मिशन अब समाप्त हो चुका है.
इस तरह के अनुमान लगाए गए थे कि यह प्रतिनिधिमंडल फिर से लेबनान जा सकता है लेकिन मिशन के निकट सूत्रों का कहना है कि यह प्रतिनिधिमंडल अपने उद्देश्य हासिल करने में नाकाम हो गया है.
संयुक्त राष्ट्र का यह प्रतिनिधिमंडल अपने मिशन के साथ मध्य पूर्व के दौरे पर काफ़ी उम्मीदें लेकर आया था.त
लेबनान में बातचीत करने के बाद इस मिशन के सदस्य इसराइल में इस उम्मीद के साथ पहुँचे थे कि इसराइली सैनिकों को छुड़ाने से गुत्थी सुलझ सकती है और एक बड़ी प्रक्रिया का रास्ता खुल सकता है.
लेकिन वह उम्मीद टूट गई है.
जहाँ तक मुझे पता चला है, मिशन के सदस्यों को इसराइली अधिकारियों ने निजी तौर पर बता दिया है कि पकड़े गए इसराइली सैनिकों को छुड़ाना कोई ख़ास चिंता की बात नहीं बची है.
इसराइल का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव संख्या 1559 के अनुसार हिज़बुल्ला को निशस्त्र करना है.
एक सैन्य वार्ता में मध्यस्थों को बताया गया कि लेबनान में इसराइली सैन्य अभियान अभी कई हफ़्तों तक चलने वाला है.
एक सूत्र ने बताया कि इसराइल सरकार इस समय कूटनीति में क़तई दिलचस्पी नहीं ले रही है.
संयुक्त राष्ट्र का प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो रहा है और मेरा ख़याल है कि सप्ताह के अंत तक संयुक्त राष्ट्र की कोई बैठक होगी जिसमें यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख जेवियर सोलाना और अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे.
सोलाना इस समय यरूशलम में हैं. ग़ौरतलब है कि यूरोपीय संघ लेबनान पर इसराइली हमले की "ज़रूरत से ज़्यादा" बल प्रयोग बताकर निंदा कर चुका है.
कोंडोलीज़ा राइस मध्य पूर्व का दौरा कब करेंगी इस बारे में अभी अनिश्चितता है. शायद ऐसे समय जब इसराइल को लगेगा कि उसने अपने सैन्य उद्देश्य हासिल कर लिए हैं.