रविवार, 09 जुलाई, 2006 को 10:43 GMT तक के समाचार
इराक़ की राजधानी ब़गदाद में अलग अलग हमलों में सुन्नी मुसलमानों को निशाना बनाया गया है जिसमें 60 से अधिक मौतें हुई हैं.
बग़दाद के पश्चिमी जिहाद इलाक़े में एक फर्ज़ी चेक नाके पर हमलावरों ने कारों को रोका और सुन्नियों को अलग कर के गोली मार दी. चेक नाके पर इस तरह 40 सुन्नियों की हत्या की गई.
सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक हिंसा की ताज़ा घटना में बग़दाद में एक शिया मस्जिद के पास दो बम धमाके हुए. इसमें कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है और 18 घायल हुए हैं.
पुलिस का कहना है कि एएफ़पी के मुताबिक चरमपंथी कुछ सुन्नी लोगों के घरों में भी गए और घर के लोगों को मार दिया.
जातीय हिंसा
सुरक्षाकर्मियों ने जिहाद ज़िले के आसपास के इलाक़े को सील कर दिया था और यहाँ कर्फ़्यू लगा दिया गया था.
अधिकारियों का कहना है कि शायद ये हमला शनिवार की उस घटना का बदला लेने के लिए किया गया था जिसमें एक शिया मस्जिद के पास दो लोगों को मार दिया गया था.
सुन्नी अरब समुदाय का कहना है कि रविवार के हमलों के पीछे शिया मिलिशिया का हाथ है जिसे सरकार का समर्थन मिला हुआ है.
लेकिन अधिकारी इस बात से इनकार करते हैं.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मिलिशिया में कुछ लोग सुरक्षाबलों की वर्दी का इस्तेमाल कर रहे हैं और कई बार नक़ली नाके भी बनाते हैं.
उधर एक अन्य घटना में रविवार को करबला शहर में इराक़ी सेना के ख़ुफ़िया अधिकारी को गोली मार दी गई.
इराक़ के दूसरे इलाक़ो में कई पुलिसवाले और नागरिक हिंसक घटनाओं में मारे गए हैं.
इस साल फ़रवरी में समारा में एक प्रमुख शिया धार्मिक स्थल पर हमले के बाद से इराक़ में जातीय हिंसा की घटनाएँ कुछ ज़्यादा ही हो रही हैं.