शनिवार, 08 जुलाई, 2006 को 10:00 GMT तक के समाचार
एक अमरीकी सैन्य अधिकारी ने कहा है कि अब तक हुई जाँचों से इराक़ के हदीसा में हुई घटना की सही तस्वीर सामने नहीं आ पाई है.
अमरीकी मीडिया में छपी ख़बरों के मुताबिक इराक़ में तैनात लेफ्टिनेंट जनरल पीटर शैरेली ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में यह बात कही है.
जनरल शैरेली के मुताबिक हदीसा घटना से जुड़ी परस्पर विरोधाभासी ख़बरों की जाँच करने में अमरीकी मरीन अधिकारी हर स्तर पर नाकाम रहे हैं.
19 नवंबर 2005 को हदीसा में 24 लोग मारे गए थे. शुरु में अमरीकी सेना ने कहा था कि ये हत्याएं बम विस्फोट और दोनों ओर से हुई गोलीबारी के कारण हई थी.
बाद में जो रिपोर्टें सामने आई उनमें कहा गया कि अमरीकी मरीन सैनिकों ने इन लोगों की हत्याएं की थी.
जाँच
इस मामले पर अमरीकी सेना की ओर से आपराधिक जाँच समिति गठित की गई है. जनरल शैरेली की जाँच इससे अलग है.
उन्होंने अपनी जाँच में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया है कि अमरीकी सेना ने 19 नवंबर की घटना को किस तरह से लिया.
अमरीकी मीडिया के मुताबिक जनरल शैरेली ने पाया है कि वरिष्ठ अधिकारी घटना से संबंधित शुरुआती रिपोर्टों में दिखे विरोधाभास के बावजूद कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच पाए.
न्यूयॉर्क टाइम्स ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से एक ख़बर दी है. इसके मुताबिक जनरल शैरेली की जाँच से यह निष्कर्ष निकला है कि कुछ अधिकारियों ने अपना कर्तव्य निभाने में लापरवाही बरती.
हालाँकि पेंटागन ने इन मीडिया रिपोर्टों पर कोई टिप्पणी नहीं दी है.
जनरल शैरेली ने अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें इराक़ में अमरीकी सेना के मुख्य कमांडर जनरल जॉर्ज डब्लू केसी को सौंप दी है.
एक वरिष्ठ अमरीकी सैन्य अधिकारी ने इस रिपोर्ट के बारे में समाचार एजेंसी एपी से कहा, "शैरेली की रिपोर्ट से हदीसा की घटना पर गठित आपराधिक जाँच को बल मिला है. यह दर्शाता है कि नवंबर 2005 में कुछ प्रशासनिक गड़बड़ी हुई थी."