शुक्रवार, 07 जुलाई, 2006 को 21:18 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने चरमपंथियों से कहा है कि वे बंधक बनाए गए इसराइली सैनिक को छोड़ दें और इसराइल पर रॉकेट दागना बंद कर दें.
गज़ा पट्टी में चरमपंथियों से यह अपील करते हुए अब्बास ने इसराइल से भी कहा है कि वह भी फ़लस्तीनी बंधकों को रिहा कर दे.
उधर सत्तारुढ़ हमास पार्टी की ओर से पहले अधिकृत बयान में कहा गया है कि बंधक बनाया गया सैनिक गिलाद शालित ठीक है और उससे मानवीय व्यवहार किया जा रहा है.
इस बीच फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने अपना रुख़ नरम करते हुए कहा कि इसराइल सिर्फ़ महिला और बच्चे क़ैदियों को रिहा कर दे.
इससे पहले इसराइली मंत्री अली डिक्टर ने कहा था कि यदि बंधक बनाए गए सैनिक को छोड़ दिया जाता है तो इसराइल क़ैदियों की रिहाई पर विचार कर सकता है.
उल्लेखनीय है कि 25 जून को फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने एक इसराइली सैनिक को बंधक बना लिया था और उसी को छुड़ाने के लिए इसराइली सेना ने गज़ा में प्रवेश किया है.
हवाई हमले जारी
इस बीच इसराइली सेना ने गज़ा क्षेत्र में और हवाई हमले किए हैं.
इन हमलों में कम से कम पाँच लोग मारे गए हैं.
इन पाँच लोगों के साथ पिछले दो दिनों में इसराइली हमले में मारे गए लोगों की संख्या 30 तक जा पहुँची है.
मारे गए लोगों में से ज़्यादातर के बारे में दावा किया गया है कि वे चरमपंथी हैं लेकिन साथ ही माना गया है कि इनमें से कुछ लोग आम नागरिक भी हैं.
लंबी तैयारी
इस बीच इसराइली सेना ने साफ़ किया है कि अपने सैनिक को छुड़ाने के लिए इसराइल गज़ा पट्टी से हटने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा हमला करने जा रहा है.
इसराइली विदेश मंत्रालय के उपनिदेशक मीर ने कहा है कि इसराइल का दायित्व है कि वो अपने सैनिक को छुड़वाए और अपने लोगों को फ़लस्तीनी चरमपंथियों के रॉकेट हमलों से बचाए.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि इसराइल गज़ा में किसी लंबी कार्रवाई की तैयारी में है.
मीर ने बीबीसी से हुई बातचीत में स्पष्ट किया है कि इलराइल अब तक अपने आपको नियंत्रण में रखे हुए है.
उनका कहना है कि चरमपंथियों को इसराइली सैनिक को बिना शर्त रिहा कर देना चाहिए.