गुरुवार, 06 जुलाई, 2006 को 17:58 GMT तक के समाचार
सलमा ज़ैदी
संपादक, बीबीसी हिंदी ऑनलाइन
सुबह सवा नौ बजे का वक़्त रहा होगा. मैं दफ़्तर जाने के लिए ट्रेन में थी और वह काफ़ी देर तक नॉर्थफ़ील्ड स्टेशन पर रुकी हुई थी.
न कोई ऐलान हो रहा था और न ही कोई जानकारी मिल रही थी.
लंदन में ट्रेनों का लंबे समय तक एक जगह रुके रहना आम बात है लेकिन लोगों में बेचैनी फैलने लगी थी.
फिर घोषणा हुई कि यह ट्रेन यहीं ख़त्म की जाती है और यात्री वैकल्पिक व्यवस्था करें.
हम सब लोग उतर कर बस स्टैंड पहुँचे.
वहाँ भी लोगों की लंबी लाइन लगी हुई थी. एक बस में जगह मिली. कुछ दूर जा कर वह भी रोक दी गई.
इतनी देर में दफ़्तर से फ़ोन आने लगे और पता चला कि कहीं विस्फोट हुआ है.
कई बसें बदलने के बाद पता चला कि सेंट्रल लंदन जाने वाले सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं और लोग वहाँ जाने की कोशिश न करें.
तब तक कई धमाकों की ख़बरें आ चुकी थीं.
घर क्योंकि पश्चिमी लंदन में है इसलिए वहाँ पहुँचने में कोई दिक़्क़त नहीं हुई और फिर टीवी पर सारा नज़ारा देखा.
और टेलीफ़ोन के ज़रिए उन सहयोगियों से संपर्क में रही जो दफ़्तर के क़रीब रहते हैं और समय से वहाँ पहुँच गए थे.