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शुक्रवार, 07 जुलाई, 2006 को 17:30 GMT तक के समाचार

सात जुलाई 2005 ने क्या-क्या दिखाया?

सात जुलाई 2005 को लंदन चार धमाकों से दहल गया था. तीन भूमिगत रेलगाड़ियों और एक बस में हुए इन धमाकों में 52 लोगों की मौत हुई थी.

धमाके सुबह के समय हुए जब ज़्यादातर लोग दिन का काम शुरू करने के लिए जा रहे होते हैं.

बीबीसी के सहयोगी भी उन लोगों में शामिल थे जो लंदन के विभिन्न इलाक़ों से बुश हाउस काम के लिए आते हैं.

बीबीसी हिंदी सेवा के सहयोगियों ने धमाकों के समय कहाँ क्या देखा - प्रस्तुत है एक बानगी.

हम तो बच गए मगर... ममता गुप्ता

फ़ौरन रास्ते बंद कर दिए गए... सलमा ज़ैदी

मुझे काम पर जाना है, लेकिन क्यों... महबूब ख़ान

धन्य हैं लंदन वासी क्योंकि... विनीता द्विवेदी

दुनिया कितनी छोटी हो गई है.. वंदना विजय

यक़ीन नहीं आ रहा था कि... मुकेश शर्मा

कोई सीरियस इंसीडेंस हुआ है... राजेश प्रियदर्शी

बस प्रार्थना करने लगा कि... इंदुशेखर सिन्हा

ज़िंदगी फिर भी चलती रहती है... पंकज प्रियदर्शी

लंदन एक ऐसे घर में बदल गया था... शिवकांत