बुधवार, 05 जुलाई, 2006 को 12:03 GMT तक के समाचार
उत्तर कोरिया ने कई मिसाइल परीक्षण करने के कुछ ही घंटों बाद बुधवार को ही सातवाँ रॉकेट दागकर अपनी मिसाइल क्षमता का और परीक्षण किया है.
दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि उत्तर कोरिया का ताज़ा मिसाइल छोड़े जाने के छह मिनट बाद कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी इलाक़े में पानी में गिरा.
उत्तर कोरिया की तरफ़ से इस बारे में कोई बयान नहीं आया है लेकिन जापानी पत्रकारों ने एक अधिकारी री प्योंग डॉक के हवाले से कहा है कि ए मिसाइल राष्ट्रीय संप्रभुता का मामला हैं और उन पर कोई सवाल नहीं उठाए जा सकते.
उधर उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों के मु्द्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बुधवार को एक आपातकालीन बैठक होने जा रही है.
यह बैठक जापान के आग्रह पर बुलाई गई है.
जापान, अमरीका और अन्य देशों के साथ मिलकर यह तय करने की कोशिश कर रहा है कि उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों पर क्या रणनीति अपनाई जाए.
अमरीक का कहना है कि उत्तर कोरिया ने ताइपोदोंग 2 समेत छह मिसाइलों का परीक्षण किया है और अन्य मिसाइलों के परीक्षण की तैयारी में है.
ताइपोदोंग मिसाइलें सैद्धांतिक रुप से अमरीका तक मार करने में सक्षम हैं हालांकि अमरीकी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि ताइपोदोंग मिसाइल परीक्षण के दौरान चालीस सेकंड के बाद ही नाकाम हो गई थीं.
उत्तर कोरिया इस मिसाइल को विकसित करने में काफ़ी समय से लगा हुआ था और इसकी मारक क्षमता अमरीका तक है.
परीक्षण किए गए छह में से कम से कम तीन मिसाइलें जापान के समुद्र क्षेत्र में गिरीं.
अमरीकी रक्षा विभाग का कहना है कि ये मिसाइलें कम दूरी तक मारक क्षमतावाली थीं.
अमरीकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने इसे भड़कानेवाली कार्रवाई बताया है.
जापान सरकार ने भी इस पर चिंता व्यक्त की है और इसे शांति और स्थिरता के लिए संकट बताया है. है.
परीक्षण की तैयारी
पिछले कुछ दिनों से ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि उत्तर कोरिया लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण करने वाला है और इसके बाद अमरीका और जापान ने उसे चेतावनी भी दी थी.
इसी के तहत दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति किम दाए जुंग ने प्योंगयांग की अपनी पूर्व निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है.
दूसरी ओर उत्तर कोरिया ने साफ़ कर दिया था कि उसे मिसाइलों के परीक्षण का पूरा अधिकार है. हालांकि उत्तर कोरिया ने मसले को सुलझाने के लिए अमरीका से बातचीत का भी आहवान किया था.
इससे पहले एक अधिकारी के हवाले से ख़बर आई थी कि अमरीका ने अपनी मिसाइल रोधी प्रणाली को सक्रिय कर दिया है. लेकिन अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि नहीं की थी.
उत्तर कोरिया ने 1998 में तायपोदोंग 1 का परीक्षण किया था जिसकी मारक क्षमता दो हज़ार किलोमीटर से अधिक है.
इसके बाद उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर छह देशों की बहुस्तरीय वार्ता शुरु हुई थी जिसमें उत्तर कोरिया आगे मिसाइलों का परीक्षण रोकने पर सहमत हो गया था.
बीच में ये वार्ता रुक गई और प्रेक्षकों का कहना है कि वर्तमान मिसाइल परीक्षणों के ज़रिए उत्तर कोरिया इन वार्ताओं को फिर शुरु करवाना चाहता है.